अलीनगर से चुनाव लड़ेंगी मैथिली ठाकुर? दरभंगा में बढ़ी सियासी हलचल

3

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सूबे की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

इस बीच, चर्चित लोकगायिका मैथिली ठाकुर की बीजेपी के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

दरअसल, रविवार को मैथिली ठाकुर ने दिल्ली में विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात की। तावड़े ने मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें मैथिली अपने पिता रमेश ठाकुर के साथ नजर आ रही हैं। चुनावी तारीखों के ऐलान के ठीक बाद हुई इस बैठक को कई राजनीतिक पर्यवेक्षक मैथिली की संभावित सियासी एंट्री से जोड़कर देख रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी उन्हें दरभंगा की अलीनगर विधानसभा सीट से मैदान में उतार सकती है। हालांकि, पार्टी या मैथिली ठाकुर की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

मिथिला की सांस्कृतिक पहचान बनीं मैथिली ठाकुर
मिथिलांचल की सांस्कृतिक धरोहर को अपनी आवाज से सहेजने वाली मैथिली ठाकुर आज बिहार की एक जानी-पहचानी हस्ती हैं। मैथिली, भोजपुरी और अवधी जैसी भाषाओं में लोकगीत, कजरी, छठ गीत और भजन गाने वाली मैथिली ठाकुर ने पारंपरिक संगीत को युवाओं तक पहुँचाया है। उनके पिता रमेश ठाकुर खुद संगीतकार हैं और बचपन से ही उन्हें प्रशिक्षण देते रहे हैं।

लोकप्रियता ने बनाया प्रभावशाली चेहरा
सोशल मीडिया पर मैथिली ठाकुर की लोकप्रियता लाखों फॉलोअर्स में झलकती है। मिथिलांचल ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में युवाओं के बीच उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। यही वजह है कि राजनीतिक विश्लेषक उन्हें किसी भी पार्टी के लिए संभावित ‘गेम चेंजर’ मानते हैं।

2023 में चुनाव आयोग ने उन्हें बिहार का स्टेट आइकन नियुक्त किया था, जिसके तहत उन्होंने मतदाता जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई थी। अब देखना यह होगा कि संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी मैथिली ठाकुर क्या राजनीति के मंच पर भी कदम रखती हैं या नहीं।

Comments are closed.