‘मुंबई के समंदर में सिखाएंगे सबक…’, राज ठाकरे का निशिकांत दुबे को खुला चैलेंज

7

राज ठाकरे का तीखा वार: “मुंबई आओ, समंदर में डुबो-डुबोकर जवाब देंगे” — मराठी भाषा को लेकर BJP सांसद पर भड़के.

महाराष्ट्र में भाषा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि जो मराठी भाषा का अपमान करेगा, उसे “महाराष्ट्र स्टाइल” में सबक सिखाया जाएगा। ठाकरे ने दुबे को मुंबई आकर चुनौती दी और कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो “समंदर में डुबो-डुबोकर मारेंगे”।

“मराठी का अपमान किया तो गाल और हाथ की ‘युति’ होगी”
राज ठाकरे ने कहा कि एक बीजेपी सांसद ने मराठियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जवाब में उन्होंने चेतावनी दी:
“अगर किसी ने मराठी भाषा का अपमान किया, तो उसके गाल और हमारे हाथ की युति जरूर होगी।”

उन्होंने मीरा रोड की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि वहां मराठी लोगों ने सही जवाब दिया। “महाराष्ट्र में रहो तो मराठी सीखो, वरना मस्ती करोगे तो समझा देंगे — महाराष्ट्र स्टाइल में,” ठाकरे ने जोड़ा।

हिंदी अनिवार्यता पर फडणवीस को घेरा
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी नहीं बख्शा। उन्होंने पहली से पांचवीं कक्षा तक हिंदी को अनिवार्य करने की योजना का विरोध किया और कहा कि महाराष्ट्र में मराठी प्राथमिक भाषा होनी चाहिए।

“हिंदी थोपने की कोशिश की तो हम दिखा देंगे कि महाराष्ट्र विरोध कैसे करता है,” उन्होंने कहा।

हिंदी को ‘अभिजात भाषा’ मानने से इनकार
राज ठाकरे ने हिंदी भाषा पर ऐतिहासिक टिप्पणी करते हुए कहा कि मराठी का इतिहास ढाई-तीन हजार साल पुराना है, जबकि हिंदी को बने हुए मुश्किल से 200 साल हुए हैं।

“हिंदी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने में अभी 1200 साल लगेंगे,” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा।
ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि हिंदी अब तक 250 से अधिक भाषाओं को खत्म कर चुकी है।

“मैं हिंदू हूं, लेकिन हिंदी थोपी नहीं जा सकती”
राज ठाकरे ने खुद को हिंदू बताते हुए कहा कि धार्मिक पहचान अलग है, लेकिन भाषाई जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“यह प्रांत मराठियों का है। हमारी सरकार सड़क पर रहेगी, और जो मराठी की इज्जत नहीं करेगा, हम उसका चेहरा लाल कर देंगे,” उन्होंने कहा।

गैर-मराठी लोगों को चेतावनी
राज ठाकरे ने मुंबई और महाराष्ट्र में रह रहे गैर-मराठी लोगों को चेताया:
“जल्द से जल्द मराठी बोलना सीखो। जहां भी जाओ — रिक्शा, दुकान या ऑफिस — मराठी में बात करो।”

राज ठाकरे के तीखे तेवरों ने भाषा की राजनीति को फिर से गरमा दिया है। मराठी अस्मिता की बात करते हुए उन्होंने बीजेपी पर खुला हमला बोला है। अब देखना होगा कि केंद्र और राज्य की भाजपा नेतृत्व इस चुनौती का क्या जवाब देती है।

Comments are closed.