बलूचिस्तान में महिला आत्मघाती दस्तों के हमले, पाक सेना के 200 जवानों के मारे जाने का दावा

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विद्रोही संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच जारी हिंसक झड़पें दूसरे दिन भी थमी नहीं हैं।

रविवार, 1 फरवरी को बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने कहा कि सुरक्षा बलों ने लगभग 40 घंटे चली कार्रवाई में 145 उग्रवादियों को मार गिराया है और हालात पर नियंत्रण पाने की कोशिशें जारी हैं। दूसरी ओर, प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसका “ऑपरेशन हेरोफ – फेज 2” अब भी बलूचिस्तान के कई हिस्सों में सक्रिय है। संगठन का कहना है कि खारन, मस्तुंग, दलबंदिन, टंप और पसनी में उसके लड़ाकों ने तय लक्ष्यों को हासिल कर लिया है, जबकि कुछ अन्य इलाकों में झड़पें जारी हैं।

सरकार और सेना का बयान

पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि यह हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में हुई सबसे गंभीर हिंसा में से एक है। ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से सटे इस प्रांत में सुरक्षा बलों, नागरिकों और सरकारी ढांचे को निशाना बनाकर हमले किए गए।

जूनियर गृह मंत्री तलाल चौधरी ने आरोप लगाया कि हमलावर आम नागरिकों के भेष में अस्पतालों, स्कूलों, बैंकों और बाजारों में घुसे और बाद में गोलीबारी की। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया।

मुख्यमंत्री बुगती ने कहा कि ग्वादर में एक मजदूर के घर पर हुए हमले में पांच महिलाओं और तीन बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने इन हत्याओं की निंदा करते हुए कहा कि क्वेटा के उच्च-सुरक्षा क्षेत्र में सरकारी दफ्तरों पर हमले और बंधक बनाने की कथित योजना को सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम कर दिया।

BLA के दावे और जवाबी आरोप

BLA के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने 1 फरवरी को जारी बयानों में दावा किया कि संगठन ने कई इलाकों में सुरक्षा बलों को पीछे हटने पर मजबूर किया है। समूह का कहना है कि क्वेटा और नोशकी के कुछ हिस्सों में उसकी मौजूदगी बनी हुई है।

BLA ने दावा किया है कि इस अभियान में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कोर के 200 से अधिक जवान मारे गए और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है।

संगठन ने यह भी माना है कि ऑपरेशन के दौरान उसके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड और एसटीओएस यूनिट से जुड़े सदस्य शामिल हैं।

महिला फिदायीनों को लेकर दावा

BLA ने अपने बयानों में महिला फिदायीनों की भागीदारी का भी जिक्र किया है। संगठन के अनुसार, 24 वर्षीय आसिफा मेंगल ने 31 जनवरी को नोशकी में कथित तौर पर एक सुरक्षा ठिकाने को निशाना बनाते हुए VBIED (वाहन-आधारित विस्फोटक) हमला किया, जिसमें उसकी मौत हो गई।

इसके अलावा, BLA ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि हवा बलूच नाम की महिला फिदायीन ने ग्वादर फ्रंट पर अभियान के दौरान अन्य लड़ाकों के साथ मिलकर कार्रवाई की और वह भी मारी गई। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

लंबे समय से अशांत बलूचिस्तान

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक उपेक्षा, संसाधनों पर नियंत्रण और सीमित स्वायत्तता जैसे मुद्दों को लेकर अशांति का केंद्र रहा है। इन्हीं कारणों का हवाला देते हुए कई अलगाववादी समूह सक्रिय हैं। BLA को पाकिस्तान और कई अन्य देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। इसके बावजूद, बलूचिस्तान में जारी संघर्ष पाकिस्तान के लिए एक बड़ी सुरक्षा और राजनीतिक चुनौती बना हुआ है।

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