ट्रंप प्रशासन का नया टैरिफ आदेश: भारत समेत 60 देशों पर 10% और 12.5% शुल्क, भारत को मिली बड़ी राहत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत सहित 60 देशों से आयात होने वाले सामान पर 10% और 12.5% का नया टैरिफ लागू करने का ऐलान किया है। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य वैश्विक सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी (Forced Labour) से बने उत्पादों पर रोक लगाने के लिए व्यापारिक साझेदारों पर दबाव बनाना है।
नई व्यवस्था में भारत को राहत मिली है। पहले भारत पर 12.5% टैरिफ लगाने की योजना थी, लेकिन श्रम मानकों और मजबूरन मजदूरी से जुड़े मुद्दों पर हुई सकारात्मक बातचीत के बाद भारत को 10% टैरिफ श्रेणी में रखा गया है।
ये टैरिफ 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत शुक्रवार रात 12:01 बजे (EDT) से प्रभावी होंगे। इसके साथ ही मौजूदा 10% अस्थायी वैश्विक टैरिफ समाप्त हो जाएगा। हालांकि, जो सामान पहले से अमेरिका के लिए भेजा जा चुका है, उसे 28 जुलाई तक नए शुल्क से छूट मिलेगी।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने कहा कि वर्षों से नैतिक अपीलों के बावजूद वैश्विक सप्लाई चेन से जबरन मजदूरी की प्रथा पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में ऐसे उत्पादों के आयात पर लंबे समय से प्रतिबंध है और अब समय आ गया है कि अन्य देश भी इसी तरह के सख्त कदम उठाएं।
प्रशासन के अनुसार, जिन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान पर प्रतिबंध लगाए हैं या इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने का भरोसा दिया है, उन्हें 10% टैरिफ श्रेणी में रखा गया है। इस सूची में भारत के अलावा ब्रिटेन, कनाडा, मैक्सिको, बांग्लादेश, पाकिस्तान, मलेशिया, इंडोनेशिया, कंबोडिया, श्रीलंका, जॉर्डन, अर्जेंटीना, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास और त्रिनिदाद एवं टोबैगो शामिल हैं।
दूसरी ओर, जिन देशों में ऐसे उत्पादों पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं है, उन पर 12.5% टैरिफ लगाया जाएगा। यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और स्विट्जरलैंड के कुछ उत्पाद भी नई टैरिफ व्यवस्था के दायरे में आएंगे।
इसके साथ ही अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने 16 देशों के खिलाफ सेक्शन 301 के तहत जांच शुरू की है। आरोप है कि इन देशों ने अत्यधिक उत्पादन कर वैश्विक बाजार में कीमतें गिराईं, जिससे अमेरिकी उद्योगों को नुकसान हुआ। जांच के आधार पर भविष्य में इन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया जा सकता है।
हालांकि, तेल और गैस, उर्वरक, कुछ खाद्य पदार्थ, स्टील, एल्युमीनियम, कॉपर, ऑटोमोबाइल तथा अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा (USMCA) समझौते के तहत ड्यूटी-फ्री आने वाले उत्पादों को नए टैरिफ से छूट दी गई है।
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