कांवड़ यात्रा के लिए गाजियाबाद पुलिस की बड़ी तैयारी: 10 हजार ‘कांवड़ मित्र’, 1500 सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
सावन महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने व्यापक और बहुस्तरीय तैयारियां शुरू कर दी हैं। भारी भीड़, यातायात व्यवधान और बीते वर्षों में हुई हिंसक घटनाओं को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
10 हजार ‘कांवड़ मित्र’ होंगे तैनात
इस बार जिलेभर में 10 हजार ‘कांवड़ मित्र’ बनाए जाएंगे, जिन्हें पुलिस द्वारा पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी किए जाएंगे। इनकी तैनाती यात्रा मार्गों, विश्राम स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में की जाएगी। कांवड़ मित्र स्थानीय व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता, संभ्रांत नागरिक और वालंटियर होंगे, जो पुलिस के ‘आंख और कान’ की भूमिका निभाएंगे। ये भीड़ प्रबंधन, सूचना साझा करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए हाई-टेक निगरानी
बीते वर्ष जहां 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, वहीं इस बार उनकी संख्या बढ़ाकर 1500 की जा रही है।
ड्रोन से भी कांवड़ रूट की निगरानी की जाएगी।
मेरठ तिराहे पर एक विशेष ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है।
तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें कई सादे कपड़ों में रहेंगे।
बीते वर्ष की घटनाएं बनीं सबक
2023 में दो बड़ी घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी:
29 जुलाई: एक कार द्वारा कांवड़ियों को टक्कर मारने के बाद कांवड़ियों ने गाड़ी में तोड़फोड़ कर चालक से मारपीट की।
मुरादनगर घटना के दो दिन बाद: पावर कॉरपोरेशन की गाड़ी कांवड़ रूट में प्रवेश कर गई, जिस पर कांवड़ियों ने पथराव किया और गाड़ी को आग लगाने की कोशिश की।
इन घटनाओं के कारण मेरठ रोड जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात घंटों बाधित रहा।
अवैध कट बंद, वन-वे ट्रैफिक प्लान
हापुड़ और गौतमबुद्ध नगर की पुलिस भी कमर कस चुकी है:
हापुड़ पुलिस: सभी अवैध कटों को चिह्नित कर बैरिकेडिंग की जाएगी।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस: रूट प्लान तैयार कर डीजे संचालकों व शिविर आयोजकों के साथ बैठकें की जा रही हैं। मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देश साझा किए जा रहे हैं।
कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक को वन-वे किया जाएगा, जिसमें एक लेन सिर्फ कांवड़ियों के लिए आरक्षित होगी, जबकि दूसरी लेन में सामान्य यातायात चलेगा।
ध्वनि प्रदूषण पर भी सख्ती
डीजे संचालन को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
केवल मानक स्तर की ध्वनि वाले उपकरणों को अनुमति मिलेगी।
‘कानफोड़ू’ ध्वनि या ऊंचे स्तर के स्पीकर प्रतिबंधित रहेंगे।
प्रशासन की अपील: संयम और सहयोग
अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) आलोक प्रियदर्शी ने कहा,
“कांवड़ मित्र पुलिस का सहयोग करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई अप्रिय घटना न हो। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।”
गाजियाबाद समेत एनसीआर के कई जिलों में पुलिस-प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के सुचारु संचालन के लिए ठोस योजनाएं बनाई हैं। प्रशासन उम्मीद कर रहा है कि सामुदायिक सहभागिता और तकनीकी निगरानी की मदद से यात्रा शांति और श्रद्धा के साथ पूरी होगी।
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