हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली में भी बदलेगा मौसम का मिजाज

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दिल्ली में बारिश से राहत, पहाड़ों में आफत: हिमाचल-उत्तराखंड में तबाही, अलर्ट जारी

बुधवार को दिल्ली-NCR में तेज बारिश ने लोगों को झुलसाती गर्मी से राहत दी, लेकिन यही बारिश हिमाचल और उत्तराखंड में विनाश की वजह बन गई। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

दिल्ली का मौसम सुहाना, पर संभलकर रहें
आने वाले सात दिनों तक दिल्ली और एनसीआर में बादल छाए रहेंगे। 11 से 16 जुलाई तक गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 30–35°C और न्यूनतम 25–29°C के बीच रहने की संभावना है। बारिश से मौसम तो बेहतर रहेगा, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका बनी रहेगी।

हिमाचल में तबाही का मंजर, मौत का आंकड़ा 91 के पार
लगातार हो रही भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश में हालात बदतर हो गए हैं। 20 से ज्यादा बादल फटने की घटनाओं में अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है, 34 लोग लापता और 130 घायल हैं।
207 सड़कें बंद हैं, 132 ट्रांसफॉर्मर बंद पड़े हैं और 840 से अधिक पेयजल परियोजनाएं ठप हैं। सेना, NDRF, SDRF और ITBP की टीमें राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं।

मौसम विभाग ने 11 से 16 जुलाई तक पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कांगड़ा और सिरमौर में आज के लिए ऑरेंज अलर्ट है।

उत्तराखंड में भी खतरे की घंटी
देहरादून और अन्य हिस्सों में भारी बारिश जारी है। गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। भूस्खलन से राज्य में 179 सड़कें अवरुद्ध हैं। गुरुवार को देहरादून में स्कूलों को बंद रखा गया।

उत्तरकाशी के ओजरी में आपदा के बाद बंद पड़ा ऋषिकेश-यमुनोत्री हाईवे 11 दिन बाद बहाल किया गया है। बेली ब्रिज बनने के बाद फंसे वाहनों को निकाला गया।

निष्कर्ष: जहां दिल्ली में बारिश राहत लाई है, वहीं पहाड़ों पर यह कहर बनकर टूटी है। दोनों राज्यों में हालात अभी और बिगड़ सकते हैं—सावधानी और सतर्कता जरूरी है।

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