जुमे की नमाज को लेकर बरेली में इंटरनेट बंद, बरेलवी की अपील और बर्क-दिग्विजय के बयान सुर्खियों में

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बरेली में जुमे की नमाज से पहले सुरक्षा कड़ी, इंटरनेट बंद।

जुमे की नमाज को देखते हुए बरेली शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर को पांच जोन में बांटा गया है। 13 सर्कल ऑफिसर, 250 इंस्पेक्टर और करीब 2,500 सिपाहियों के साथ पैरामिलिट्री, पीएसी और पुलिस के कुल 8,000 जवान तैनात किए गए हैं। मंडल के चार जिलों—बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं—को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपील की है कि लोग शांतिपूर्वक नमाज अदा करें और किसी प्रदर्शन में शामिल न हों। एहतियातन जिले में मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं 48 घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं। हालात सामान्य रहने पर इन्हें बहाल किया जा सकता है।

पिछली हिंसा के बाद सतर्कता
पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कोतवाली क्षेत्र की मस्जिद के बाहर दो हजार से अधिक लोग जमा हो गए थे। भीड़ और पुलिस में झड़प के दौरान पथराव और लाठीचार्ज हुआ, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। इस मामले में अब तक 81 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

‘आई लव मोहम्मद’ विवाद और सियासी बयानबाजी
यह विवाद ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर शुरू हुआ था। सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने पोस्टर का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और पैगंबर मोहम्मद ने हमेशा शांति का संदेश दिया। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को गलत ठहराते हुए कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने झांसी में कहा कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन किसी अपराध के लिए पूरे परिवार को सजा देना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि “आई लव मोहम्मद” कहने पर मुकदमा दर्ज करने की जरूरत नहीं है, जैसे “आई लव राम” या “आई लव कृष्ण” कहने पर आपत्ति नहीं होती।

धर्मगुरुओं की अपील
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अपील की कि लोग सिर्फ नमाज अदा करें और बाद में सीधे घर लौट जाएं। उन्होंने युवाओं से कहा कि किसी भी भीड़ या प्रदर्शन का हिस्सा न बनें और अमन-शांति बनाए रखें।

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