अमेरिका में शटडाउन का खेल, ट्रंप बढ़ा रहे राष्ट्रपति की शक्तियां

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अमेरिका में शटडाउन राजनीतिक हथियार बना, ट्रंप बढ़ा रहे राष्ट्रपति की शक्तियां

अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन, जो इतिहास में दूसरा सबसे लंबा बन गया है, अब साफ तौर पर राजनीतिक हथियार बनता नजर आ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसका इस्तेमाल न केवल डेमोक्रेट्स पर दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं, बल्कि संघीय बजट को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार बदलने की कोशिश भी कर रहे हैं।

शटडाउन का ऐतिहासिक संदर्भ
सरकारी शटडाउन की शुरुआत 1980 में हुई थी, जब तत्कालीन अटॉर्नी जनरल बेंजामिन सिविलेटी ने यह सुनिश्चित किया कि अमेरिकी सरकार बिना संसदीय मंजूरी कोई खर्च न करे। इसका उद्देश्य बजट प्रक्रिया का पालन करना और संसदीय नियंत्रण बनाए रखना था।

ट्रंप प्रशासन की रणनीति
ट्रंप प्रशासन ने अब शटडाउन को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। कई सरकारी वेबसाइटों पर शटडाउन के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया गया। रक्षा विभाग के फंड का इस्तेमाल अपनी प्राथमिकताओं के लिए किया जा रहा है और 4,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसे “अभूतपूर्व अवसर” बताया, जिससे स्पष्ट है कि वे शटडाउन को राष्ट्रपति शक्तियों के विस्तार के रूप में देख रहे हैं।

डेमोक्रेट्स की प्रतिक्रिया
डेमोक्रेट्स का कहना है कि यह केवल बजट विवाद नहीं है, बल्कि अमेरिकी संविधान और सत्ता संतुलन के लिए बड़ा खतरा है। सीनेटर टिम केन ने चेताया कि राष्ट्रपति की असीम शक्तियां देश को नुकसान पहुँचा रही हैं और जनता इससे थक चुकी है।

आम लोगों पर असर
शटडाउन का असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। फूड सहायता कार्यक्रम खतरे में हैं, हवाई यात्रा में देरी बढ़ रही है और लाखों सरकारी कर्मचारी बिना वेतन काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शटडाउन अमेरिकी लोकतंत्र और भविष्य की सरकारी कार्यप्रणाली को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है।

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