राजधानी दिल्ली के नबी करीम, प्रेम नगर, राजेंद्र नगर और दरियागंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में लंबे समय से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने खराब हैं कि पीने का साफ पानी मिलना तो दूर, रोजमर्रा के कामों के लिए भी लोग जूझ रहे हैं।
नालों और मंदिरों से भर रहे पानी
कई इलाकों में हालात ऐसे हैं कि लोग मंदिरों में लगी बोरिंग या फिर नालों के पास रखी टंकियों से पानी भरकर घर ले जाने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंच रहा है और न ही पानी के नमूने लेकर जांच की जा रही है।
बोतलबंद पानी खरीदने की मजबूरी
राजेंद्र नगर विधानसभा के इंद्रपुरी इलाके में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। यहां के निवासी ओमप्रकाश बैरवाल बताते हैं कि बीते एक सप्ताह से नलों से तेज बदबू वाला पानी आ रहा है। तीन दिन पहले दिल्ली जल बोर्ड और विधायक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक न कोई निरीक्षण हुआ और न ही समस्या का समाधान निकला। मजबूरी में लोग 20 से 40 रुपये की बोतल खरीदकर पीने का पानी ले रहे हैं।
नहाना और खाना बनाना भी चुनौती
नबी करीम इलाके में पिछले दो वर्षों से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई गलियों में नलों से काला और बदबूदार पानी निकलता है, जिससे नहाना और खाना पकाना तक मुश्किल हो गया है। कुछ जगहों पर बोरिंग की पाइपलाइन नाले के किनारे से गुजर रही है, जिससे जो थोड़ा बहुत पानी आता है, उसी को लोग इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।
शिकायतें हुईं, कार्रवाई नहीं
प्रेम नगर के निवासी हामिद बताते हैं कि गली नंबर एक से कई बार जल बोर्ड में शिकायत की गई, लेकिन न पानी साफ हुआ और न ही कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचा। इसी तरह दरियागंज में भी एक महीने पहले शिकायत करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
पानी ढोने पर बढ़ता खर्च
पानी की किल्लत ने लोगों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा दिया है। राजेंद्र नगर इलाके में पहली मंजिल तक पानी पहुंचाने के लिए 25 रुपये, दूसरी मंजिल के लिए 30 रुपये, तीसरी के लिए 35 रुपये और चौथी मंजिल के लिए 40 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर साफ पानी की आपूर्ति बहाल करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों के बयान
ये समस्या पिछले 2 वर्षों से बनी हुई है। कई बार शिकायत की गई है लेकिन कोई हल नहीं निकला है।
– लाल बहादुरइस पानी से ही हम खाना पकाने और नहाने के लिए इस्तेमाल कर रहे है। इससे उल्टी दस्त जैसी बीमारी भी फैल रही है।
– जगदीशकई बार विधायक और स्थानीय निगम पार्षद, दिल्ली बोर्ड को शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान तो छोडिए देखने भई नहीं आता।
– लाडली परवीनसुबह के समय बच्चे स्कूल जाने के लिए नहा भी नहीं पाते है, सर्दियों में रह लेते है किसी तरह जुगाड़ करके लेकिन गर्मियों में हालत खराब हो जाती है।
– मोहम्मद शाहीद
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