डायबिटीज-कैंसर से बचाव के लिए WHO की पहल, सरकारों से शुगर ड्रिंक्स पर टैक्स बढ़ाने को कहा

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर और अन्य गैर-संक्रामक बीमारियां दुनिया भर में, खासकर बच्चों और युवाओं के बीच, तेजी से गंभीर समस्या बनती जा रही हैं।

इन बीमारियों पर काबू पाने के लिए WHO ने फ्रूट जूस, पैकेज्ड मीठे पेय पदार्थों और मादक पेयों पर कर बढ़ाने की सिफारिश की है। WHO की दो नई वैश्विक रिपोर्टों में कहा गया है कि कई देशों में कम कर दरों के कारण मीठे और मादक पेय लगातार सस्ते होते जा रहे हैं, जिससे इनका उपभोग बढ़ रहा है। संगठन के अनुसार, स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पाद समय के साथ अधिक किफायती होते जा रहे हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है।

सरकारों से क्या अपील?

WHO ने कहा कि सस्ते होने के कारण इन उत्पादों की खपत बढ़ रही है और कंपनियां अरबों डॉलर का मुनाफा कमा रही हैं। वहीं, दुनिया भर की स्वास्थ्य प्रणालियां रोके जा सकने वाली गैर-संक्रामक बीमारियों और उनसे जुड़ी जटिलताओं के कारण बढ़ते आर्थिक दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे में संगठन ने सरकारों से मीठे पेय और मादक पदार्थों पर करों को प्रभावी रूप से बढ़ाने का आग्रह किया है।

WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा, “स्वास्थ्य कर, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बीमारियों को रोकने के लिए हमारे पास मौजूद सबसे प्रभावी साधनों में से एक हैं।” उन्होंने कहा कि तंबाकू, मीठे पेय और शराब जैसे उत्पादों पर कर बढ़ाने से सरकारें न केवल हानिकारक खपत को कम कर सकती हैं, बल्कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संसाधन भी जुटा सकती हैं।

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