राज्यसभा चुनाव: आज वोटिंग, बिहार-ओडिशा-हरियाणा की सीटों पर कड़ी टक्कर; 26 पहले ही निर्विरोध

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Rajya Sabha की 37 सीटों के लिए सोमवार को सुबह 11 बजे से मतदान होगा और शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

सात राज्यों में हुए चुनावों में 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इनमें Sharad Pawar, Ramdas Athawale, Abhishek Manu Singhvi, Thambi Durai, Vinod Tawde और Babul Supriyo जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं। हालांकि तीन राज्यों—Bihar, Odisha और Haryana—में मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

बिहार में पांचवीं सीट पर कड़ा मुकाबला

बिहार में चार सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है। Janata Dal (United) के रामनाथ ठाकुर और Bharatiya Janata Party के नितिन नवीन व शिवम कुमार की जीत की संभावना मजबूत बताई जा रही है। लेकिन पांचवीं सीट पर एनडीए के Upendra Kushwaha और महागठबंधन के एडी सिंह के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।

महागठबंधन के पास फिलहाल 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोटों की जरूरत है। All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के पांच विधायकों ने Tejashwi Yadav की Rashtriya Janata Dal को समर्थन देने की घोषणा की है। इसके अलावा Bahujan Samaj Party के एक विधायक का वोट भी निर्णायक माना जा रहा है। दूसरी ओर एनडीए को उम्मीद है कि क्रॉस-वोटिंग की स्थिति में उपेंद्र कुशवाहा को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

ओडिशा में भाजपा-बिजेडी की रणनीति

Odisha में भाजपा और Biju Janata Dal के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है। राज्य की 147 सदस्यीय विधानसभा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 30 वोटों की जरूरत होती है।

भाजपा के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीयों का समर्थन भी उसे मिला हुआ है, जिससे उसका आंकड़ा 82 तक पहुंच जाता है। ऐसे में पार्टी के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि तीसरी सीट के लिए भाजपा को अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी।

दूसरी ओर बीजेडी के पास 48 विधायक हैं, जिससे उसका एक उम्मीदवार आसानी से जीत सकता है। यदि Indian National Congress के 14 और Communist Party of India (Marxist) के एक विधायक का समर्थन मिलता है, तो यह संख्या 33 तक पहुंच जाती है, जो जीत के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।

हरियाणा में भी बढ़ी सियासी हलचल

Haryana की 90 सदस्यीय विधानसभा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत है। भाजपा के पास 48 विधायक हैं और उसे Indian National Lok Dal के दो तथा तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी हासिल है, जिससे उसका आंकड़ा 53 तक पहुंच जाता है। ऐसे में भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

वहीं Indian National Congress के पास 37 विधायक हैं और वह अपने उम्मीदवार करमवीर बोध को आसानी से जिता सकती है। हालांकि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण दिलचस्प हो गए हैं। क्रॉस-वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को Himachal Pradesh भेज दिया है। जिन छह विधायकों ने यात्रा नहीं की, उनमें विपक्ष के नेता Bhupinder Singh Hooda समेत कुछ अन्य नेता शामिल हैं।

ऐसे में बिहार, ओडिशा और हरियाणा में होने वाला मतदान राज्यसभा चुनाव के नतीजों को बेहद रोचक बना सकता है और कई सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

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