लॉकडाउन पर सरकार का बड़ा बयान: केंद्रीय मंत्री ने स्थिति साफ की, एक्साइज ड्यूटी पर भी दी अहम जानकारी
सरकार ने शुक्रवार को हरदीप सिंह पुरी के बयान के जरिए देशभर में संभावित लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों पर विराम लगा दिया। उन्होंने साफ कहा कि भारत में लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और ऐसी खबरें पूरी तरह झूठी हैं।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि इस तरह की अफवाहें न केवल भ्रामक हैं, बल्कि अनावश्यक घबराहट भी पैदा करती हैं। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करने की अपील की।
सरकार पर बढ़ा आर्थिक दबाव
वैश्विक हालात के बीच सरकार पर ईंधन को लेकर वित्तीय दबाव भी बढ़ा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने कर राजस्व पर बड़ा बोझ उठाया है। बताया गया कि तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान को कम करने के लिए पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 30 रुपये प्रति लीटर तक का असर समायोजित किया गया है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी को देखते हुए निर्यात शुल्क भी लगाया गया है।
वैश्विक हालात पर कड़ी नजर
इजरायल-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है। सरकार ऊर्जा आपूर्ति, सप्लाई चेन और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर लगातार नजर रखे हुए है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसका असर दुनियाभर में दिख रहा है—दक्षिण-पूर्व एशिया में 30-50%, उत्तरी अमेरिका में करीब 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीका में लगभग 50% तक ईंधन महंगा हुआ है।
सरकार के सामने दो विकल्प
ऐसे हालात में सरकार के सामने दो ही रास्ते थे—या तो अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार देश में कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी जाए, या फिर खुद वित्तीय बोझ उठाकर आम लोगों को राहत दी जाए।
सरकार ने दूसरा रास्ता चुना, ताकि नागरिकों को वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर न झेलना पड़े।
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