रोहिंग्या तस्करी का खतरनाक सफर: 250 लोगों से भरी नाव समुद्र में डूबी, बचे शख्स की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी
अंडमान सागर में हुए इस भयावह हादसे ने मानव तस्करी की क्रूर सच्चाई को फिर सामने ला दिया है।
मलेशिया की ओर जा रही एक नाव अंडमान द्वीप समूह के पास डूब गई, जिसमें 250 से अधिक बांग्लादेशी और रोहिंग्या सवार थे। अब तक केवल 9 लोगों को बचाया जा सका है, जबकि बाकी के लापता होने की आशंका गहराती जा रही है।
समुद्र में मौत का सफर
बांग्लादेशी कोस्ट गार्ड के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक व्यापारी जहाज ने 9 लोगों को बचाया, जिन्हें बाद में गश्ती दल को सौंप दिया गया। ये सभी लोग मानव तस्करी के जरिए विदेश ले जाए जा रहे थे।
नौकरी का झांसा और कैद
बचाए गए रोहिंग्या शख्स रफीकुल इस्लाम ने बताया कि 2 अप्रैल को उन्हें नौकरी का लालच देकर फंसाया गया। टेकनाफ के एक इलाके में उन्हें 20-25 लोगों के साथ एक घर में बंद रखा गया, जहां से भागने की कोशिश करने वालों के साथ मारपीट की जाती थी।
जबरन नाव में ठूंसे गए लोग
4 अप्रैल की रात सभी को समुद्र किनारे लाकर छोटी नावों के जरिए बड़े जहाज तक पहुंचाया गया। सफर के दौरान खराब मौसम और ऊंची लहरों के बीच तस्करों ने लोगों को नाव के छोटे-छोटे कंपार्टमेंट में ठूंस दिया। ये जगहें मछली और जाल रखने के लिए बनी थीं।
घुटन से मौत, फिर पलटी नाव
भीड़ और दम घुटने के कारण 25 से 30 लोगों की मौत हो गई। तस्करों ने धमकी दी थी कि आदेश न मानने पर नाव डुबो देंगे। इसी बीच तेज लहरों की चपेट में आकर नाव पलट गई और सैकड़ों लोग समुद्र में समा गए।
बोतल के सहारे बची जिंदगी
रफीकुल ने बताया कि वह एक पानी की बोतल पकड़कर किसी तरह तैरते रहे और अपनी जान बचाई। 9 अप्रैल को उन्हें आठ अन्य लोगों के साथ रेस्क्यू किया गया। बाकी लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
यह हादसा दिखाता है कि बेहतर भविष्य की तलाश में लोग किस तरह अपनी जान दांव पर लगा देते हैं, और कैसे तस्कर उनके भरोसे का बेरहमी से फायदा उठाते हैं।
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