मानसून की जल्द एंट्री के संकेत, उत्तर भारत में अभी नहीं मिलेगी गर्मी से राहत

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार समय से पहले रफ्तार पकड़ ली है।

मानसून दक्षिण-पूर्व अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, पूरे निकोबार द्वीप समूह और अंडमान द्वीप समूह के विजयपुरम तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में मानसून के दक्षिण-पूर्व अरब सागर, बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के बाकी इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी इसी दौरान मानसून दस्तक दे सकता है।

इससे पहले शुक्रवार को IMD ने अनुमान जताया था कि इस बार मानसून 26 मई को केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर केरल में मानसून की शुरुआत 1 जून के आसपास होती है। ऐसे में इस बार मानसून के जल्दी आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि इस साल मानसून सीजन में देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। IMD के मुताबिक अल नीनो की स्थिति बनने की आशंका है, जिसका असर भारत में वर्षा पर पड़ सकता है।

उधर, उत्तर भारत में लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में अगले कुछ दिनों तक तापमान में तेज बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। 17 मई को राजधानी में लू चलने और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

पंजाब में भी 20 मई तक लू चलने का अनुमान है। IMD ने राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है।

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