होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाने को तैयार ब्रिटेन, फ्रांस भी साथ

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की अटकलों के बीच ब्रिटेन और फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सुरक्षित बनाने की तैयारी तेज कर दी है।

ब्रिटिश रॉयल नेवी समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटाने के मिशन के लिए तैयार है, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य की जा सके। जिब्राल्टर में तैनात ब्रिटिश युद्धपोत आरएफए लाइम बे पर बड़ी संख्या में नौसैनिक इस ऑपरेशन के लिए तैयार रखे गए हैं। हालांकि ब्रिटेन ने साफ किया है कि माइंस हटाने की कार्रवाई तभी शुरू होगी, जब क्षेत्र में शांति समझौता या संघर्ष विराम की स्थिति बनेगी।

होर्मुज में IRGC की सख्ती

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कई समुद्री माइंस बिछा रखी हैं। साथ ही वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए विशेष रूट तय किए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य बताया गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग माना जाता है। यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार और समुद्री व्यापार दोनों प्रभावित हुए हैं।

ट्रंप ने NATO देशों पर उठाए सवाल

ईरान के साथ संघर्ष के दौरान होर्मुज को सुरक्षित बनाने के लिए अमेरिका ने सहयोगी देशों से मदद मांगी थी। लेकिन कई NATO देशों ने सीधे युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने नाराजगी जताई थी।

NATO देशों का कहना था कि वे युद्ध का हिस्सा नहीं बनेंगे, लेकिन हालात सामान्य होने पर समुद्री माइंस हटाने में मदद देंगे।

ब्रिटेन और फ्रांस की संयुक्त तैयारी

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री Al Carns ने हाल ही में आरएफए लाइम बे का दौरा किया। इस एंफिबियस युद्धपोत पर ब्रिटेन और फ्रांस दोनों देशों के सैनिक मौजूद हैं। जहाज पर माइंस निष्क्रिय करने वाले समुद्री ड्रोन और अन्य विशेष उपकरण भी तैनात किए गए हैं।

ईरान का दावा- इजरायली ड्रोन मार गिराया

इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने होर्मुजगान प्रांत के ऊपर उड़ान भर रहे एक इजरायली टोही ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ड्रोन का मलबा भी बरामद कर लिया गया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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