पेट्रोल पंपों से थोक ईंधन बिक्री पर रोक, केंद्र ने जारी किया नया आदेश

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डीजल की बढ़ती मांग के बीच सरकार का बड़ा कदम, पेट्रोल पंपों से थोक ईंधन खरीद पर अस्थायी रोक

देश के कुछ हिस्सों में डीजल की मांग में अचानक आई तेजी और खुदरा-थोक कीमतों के बीच बढ़ते अंतर को देखते हुए केंद्र सरकार ने ईंधन बिक्री को लेकर अहम फैसला लिया है। सरकार ने औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल की थोक खरीद पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

नए आदेश के तहत ऐसे बड़े उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन अब केवल अधिकृत बल्क सेल पॉइंट्स से ही खरीदना होगा। यह व्यवस्था फिलहाल अधिकतम 90 दिनों तक लागू रहेगी।

क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

सरकार के अनुसार, हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह खुदरा और थोक ईंधन कीमतों के बीच बढ़ा हुआ अंतर है।

जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण लागत बढ़ने के बावजूद खुदरा ईंधन कीमतों में बदलाव नहीं किया गया। इसके चलते खुदरा और बल्क डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया। ऐसे में टेलीकॉम टावर, उद्योगों और अन्य बड़े उपभोक्ताओं ने बल्क चैनल की बजाय पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे खुदरा बिक्री में अचानक उछाल देखने को मिला।

सरकार ने जारी किया नया आदेश

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून को मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल (खुदरा दुकानों के माध्यम से आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026 जारी किया। इसके तहत तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे खुदरा आउटलेट्स के जरिए थोक खरीद पर नियंत्रण सुनिश्चित करें।

अधिसूचना में कहा गया है कि खुदरा और थोक कीमतों में अंतर का लाभ उठाने के लिए औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ता बड़ी मात्रा में पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे सामान्य खुदरा मांग प्रभावित हो रही है।

200 लीटर प्रतिदिन की सीमा तय

नए नियमों के तहत पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री केवल वाहनों के ईंधन टैंक या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) द्वारा अनुमोदित कंटेनरों में ही की जा सकेगी।

इसके अलावा, एक ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल खरीदने की अनुमति होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह खरीदे गए ईंधन का दोबारा व्यापार या पुनर्विक्रय नहीं किया जा सकेगा।

आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर

सरकार का कहना है कि यह कदम खुदरा ईंधन नेटवर्क पर दबाव कम करने, आम उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति सुचारु बनाए रखने और बाजार में किसी संभावित असंतुलन को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

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