मणिपुर के कामजोंग में फिर भड़की हिंसा, नगा-कुकी झड़प के बाद 20 से अधिक घरों में आगजनी
मणिपुर के कामजोंग जिले में बुधवार को एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई। भारत-म्यांमार सीमा से सटे गांवों में नगा और कुकी समूहों के बीच हुई सशस्त्र झड़पों में 20 से अधिक घर आग के हवाले कर दिए गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हिंसा की शुरुआत सुबह हुई, जब हथियारों से लैस लोगों ने एक नगा बहुल गांव पर हमला कर करीब 10 घरों में आग लगा दी। इसके बाद दोपहर में हालात और बिगड़ गए। अधिकारियों का कहना है कि जवाबी हमलों के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों और हथियारबंद ग्रामीणों ने अन्य गांवों को निशाना बनाया, जिसमें नगा समुदाय के कम से कम 12 और घर जल गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बलों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया। प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल हालात तनावपूर्ण हैं, लेकिन नियंत्रण में हैं।
मणिपुर में क्यों बना रहता है तनाव?
मणिपुर लंबे समय से विभिन्न समुदायों के बीच जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक विवादों का सामना करता रहा है। राज्य में मैतेई, कुकी और नगा समुदायों के बीच भूमि अधिकार, प्रशासनिक नियंत्रण और अलग मातृभूमि की मांग जैसे मुद्दों को लेकर वर्षों से तनाव बना हुआ है। समय-समय पर ये विवाद हिंसक झड़पों का रूप ले लेते हैं।
मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई व्यापक हिंसा ने पूरे राज्य को प्रभावित किया था। उस दौर में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई, हजारों लोग विस्थापित हुए और गांवों, धार्मिक स्थलों व सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा।
हालांकि, ताजा घटना नगा और कुकी समूहों के बीच हुई है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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