शुक्रवार को दिल्ली में हुई रिकॉर्ड बारिश के पीछे एक नहीं, बल्कि चार मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय थीं।
इन चारों मौसमी प्रणालियों के एक साथ असर में आने से दिल्ली में बारिश के लिए बेहद अनुकूल परिस्थितियां बन गईं। नतीजा यह रहा कि राजधानी में दिनभर बारिश का दौर जारी रहा और कई इलाकों में मूसलधार बारिश दर्ज की गई।
अगस्त के पहले सप्ताह में टूटा 15 साल का रिकॉर्ड
इस बार अगस्त की शुरुआत दिल्ली के लिए बेहद बारिश वाली रही है। अगस्त के पहले सात दिनों में राजधानी में 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह 2011 के बाद अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सबसे अधिक बारिश है। यानी इस बार अगस्त का पहला सप्ताह करीब डेढ़ दशक बाद सबसे ज्यादा बारिश वाला रहा।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2011 से 2026 के बीच अगस्त के पहले सप्ताह में दिल्ली में औसतन 42 मिलीमीटर बारिश होती है। इस लिहाज से इस बार हुई बारिश सामान्य से करीब तीन गुना अधिक रही।
वहीं, 2015 में अगस्त का पहला सप्ताह सबसे सूखा रहा था। उस दौरान दिल्ली में महज 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत के मुताबिक, मौसम प्रणालियों में लगातार बदलाव होता रहता है। जब एक साथ कई प्रणालियां सक्रिय हो जाती हैं, तो भारी बारिश जैसी स्थिति बन सकती है। पश्चिमी विक्षोभों की बारंबारता और उनकी मजबूती भी इसमें अहम भूमिका निभाती है।
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