केंद्र में बड़ा ब्यूरोक्रेटिक फेरबदल, दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं नई उच्च शिक्षा सचिव

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केंद्र सरकार ने सोमवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तय कीं।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। वह विनीत जोशी की जगह लेंगी, जिन्हें पिछले महीने पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया था।

कार्मिक मंत्रालय की ओर से सोमवार देर रात जारी आदेश के मुताबिक, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इससे पहले उच्च शिक्षा सचिव के पद पर नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति का फैसला किया गया था। गंगवार फिलहाल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव हैं।

नीट पेपर लीक विवाद के बीच उच्च शिक्षा विभाग में यह बदलाव अहम माना जा रहा है। नई जिम्मेदारी के साथ दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने उच्च शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करने की चुनौती होगी।

चंद्रशेखर एस. की केरल वापसी

प्रशासनिक फेरबदल के तहत उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के निजी सचिव चंद्रशेखर एस. को उनके कैडर राज्य केरल वापस भेज दिया गया है। 2014 बैच के आईएएस अधिकारी चंद्रशेखर को पिछले साल सितंबर में उपराष्ट्रपति का निजी सचिव नियुक्त किया गया था।

ज्ञानेश भारती बने अंडमान-निकोबार के मुख्य सचिव

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेश भारती को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले उप चुनाव आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। वहीं, युवा मामलों की सचिव पल्लवी जैन गोविल को कॉरपोरेट मामलों का नया सचिव बनाया गया है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के चेयरमैन सुनील पालीवाल अब युवा मामलों के सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।

सुशील कुमार लोहानी को मिली नई जिम्मेदारी

कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी के तौर पर कार्यरत सुशील कुमार लोहानी को सुनील पालीवाल की जगह IWAI का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा जल संसाधन विभाग के सचिव वीएल कांत राव को गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी बनाया गया है। वह मौजूदा सचिव अंसुली आर्या के अगले महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने के बाद राजभाषा विभाग के सचिव का पद संभालेंगे।

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