वंदे मातरम पर कांग्रेस का दो टूक रुख, नए कानून को मानने से इनकार; बीजेपी ने घेरा

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कांग्रेस ने वंदे मातरम् के पूरे गायन को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि उसके कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सिर्फ शुरुआती दो छंद ही गाए जाएंगे। कांग्रेस कार्यसमिति ने 1937 में तय किए गए गायन के स्वरूप को ही आगे जारी रखने का फैसला किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी पार्टी की बैठक में इस रुख का समर्थन किया। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 1937 में महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और अन्य नेताओं की मौजूदगी में वंदे मातरम् के गायन को लेकर जो फैसला हुआ था, कांग्रेस उसी का पालन करेगी।

वंदे मातरम् के पूरे गायन पर विवाद

यह फैसला ऐसे समय आया है जब संसद के मानसून सत्र में वंदे मातरम् के सभी छंदों के गायन से जुड़े कानून को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने कार्यक्रमों में केवल शुरुआती दो छंदों का गायन करेगी।

15 अगस्त को कांग्रेस के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम् के सभी छंद गाए जाने के बाद पार्टी के भीतर और बाहर इसे लेकर चर्चा शुरू हुई थी। कांग्रेस ने अब कार्यसमिति के फैसले के जरिए अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

परिसीमन पर सीटें बढ़ाने का विरोध

कांग्रेस कार्यसमिति ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्तावित परिसीमन का भी विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि अगले 25 वर्षों तक लोकसभा की 543 सीटों की मौजूदा संख्या बरकरार रखी जानी चाहिए।

कांग्रेस ने इसी आधार पर 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने की मांग की है।

800 शहरों में छात्रों के बीच पहुंचेगी कांग्रेस

बैठक में पेपर लीक, बेरोजगारी और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने देश के करीब 800 शहरों में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम चलाने का फैसला किया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इसके जरिए छात्रों की परीक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी देशव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया है। पार्टी ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर तक विरोध प्रदर्शन और जागरूकता अभियान आयोजित करेगी।

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के फैसले पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्ताव को निंदनीय बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद से पारित कानून और संविधान से ऊपर अपने पार्टी प्रस्ताव को रख रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह रुख पार्टी और देश के बीच उसकी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।

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