बंगाल से असम तक उपचुनाव के नतीजे आज: BJP के लिए अग्निपरीक्षा, चार राज्यों के सियासी संदेश पर रहेगी नजर

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चार राज्यों के उपचुनाव नतीजे आज: बंगाल में भाजपा की अग्निपरीक्षा, तमिलनाडु में टीवीके की लोकप्रियता का होगा इम्तिहान

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होगी। इन परिणामों पर राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इनके जरिए राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों और मतदाताओं के रुझान का संकेत मिल सकता है। पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदर्शन और तमिलनाडु में टीवीके की चुनावी ताकत पर खास नजर रहेगी।

6 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंताकम और धारापुरम तथा पुडुचेरी की थट्टनचावड़ी विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था। वहीं, असम की नागांव लोकसभा सीट के लिए भी वोट डाले गए थे।

बंगाल में भाजपा के सामने बड़ी चुनौती

पश्चिम बंगाल के उपचुनावों को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। राज्य में 15 साल तक शासन करने वाली तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाने के बाद भाजपा के सामने अपने राजनीतिक समर्थन को मजबूत बनाए रखने की चुनौती है। नंदीग्राम और रेजीनगर में करीब 80 प्रतिशत मतदान हुआ था।

नंदीग्राम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक महत्व रखता है। भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने 2011 में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी की राह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सुवेंदु अधिकारी ने यहां 2021 और 2026 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी।

इस बार भाजपा ने हसीरानी राठ को उम्मीदवार बनाया है। उनके बेटे चंद्रनाथ राठ की भाजपा की जीत के दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बीच नंदीग्राम का चुनाव परिणाम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रेजीनगर में भी मुकाबला दिलचस्प है। ममता बनर्जी गुट ने उम्मीदवार वापस लेकर कांग्रेस के मिलन प्रधान का समर्थन किया है, जबकि रिताब्रत बनर्जी गुट अलग चुनाव लड़ रहा है। यहां एजेयूपी के गोलम नबी आजाद के अलावा भाजपा, तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों, कांग्रेस और माकपा के उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

तमिलनाडु में टीवीके की पहली बड़ी परीक्षा

तमिलनाडु की मदुरंताकम और धारापुरम सीटों के परिणाम टीवीके सरकार के लिए अहम होंगे। मई में सत्ता संभालने के बाद इन उपचुनावों को पार्टी के लिए शुरुआती चुनावी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, एआईएडीएमके दोनों सीटों पर वापसी की उम्मीद कर रही है। अप्रैल के विधानसभा चुनाव में ये सीटें टीवीके ने जीती थीं।

मदुरंताकम में 86.26 प्रतिशत और धारापुरम में 80.30 प्रतिशत मतदान हुआ। विधानसभा चुनाव की तुलना में कम मतदान के बीच अब सबकी निगाहें नतीजों पर हैं। परिणामों से नई सरकार के प्रति मतदाताओं के रुझान और विपक्ष की स्थिति का कुछ अंदाजा मिल सकता है।

असम में नागांव सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला

असम की नागांव लोकसभा सीट पर भाजपा, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच मुकाबला है। भाजपा ने पूर्व अधिकारी देवाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से सिबामोनी बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी चुनावी मैदान में हैं।

कांग्रेस सांसद प्रद्युत बरदोलोई के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने और दिसपुर विधानसभा सीट जीतने के बाद नागांव सीट खाली हुई थी। यहां लगभग 76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नतीजे तीनों प्रमुख दलों की स्थिति को लेकर अहम संकेत दे सकते हैं।

पुडुचेरी में थट्टनचावड़ी का परिणाम भी अहम

पुडुचेरी की थट्टनचावड़ी विधानसभा सीट पर 80.8 प्रतिशत मतदान हुआ। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने यह सीट छोड़कर मंगलम विधानसभा सीट अपने पास रखी थी, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया।

इस सीट के नतीजे स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और सत्तारूढ़ खेमे के समर्थन के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।

नतीजों से क्या निकलेगा सियासी संदेश?

चार राज्यों की इन छह सीटों के परिणाम अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में दलों के प्रदर्शन की तस्वीर पेश करेंगे। बंगाल में भाजपा की स्थिति, तमिलनाडु में टीवीके की लोकप्रियता, असम में भाजपा-कांग्रेस-एआईयूडीएफ के बीच मुकाबला और पुडुचेरी में सत्तारूढ़ खेमे का प्रदर्शन चर्चा के केंद्र में रहेगा।

हालांकि, उपचुनाव के नतीजे पूरे राज्य की राजनीतिक स्थिति का निर्णायक पैमाना नहीं होते, लेकिन वे राजनीतिक दलों की रणनीति, जनसमर्थन और आगामी चुनावी तैयारियों को प्रभावित करने वाले संकेत जरूर दे सकते हैं।

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