फ्रांस में छात्र आंदोलन से बढ़ा तनाव: देशभर में सैकड़ों स्कूल बंद, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने फिर छोड़ी आंसू गैस

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फ्रांस में छात्र आंदोलन ने पकड़ा जोर, 375 स्कूल बंद; पेरिस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

फ्रांस में शिक्षा बजट बढ़ाने और स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन के तीसरे सप्ताह में पहुंचने के साथ गुरुवार को राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

उत्तर-पूर्वी पेरिस में छात्रों ने एक हाई स्कूल के बाहर कूड़ेदानों की मदद से अवरोधक खड़े कर दिए। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। मंगलवार को भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई की थी, जब देशभर में स्कूली छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन हुए थे।

पेरिस में कई स्थानों पर तनाव

गुरुवार को पेरिस का हेलेन बाउचर हाई स्कूल प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का प्रमुख केंद्र रहा। वहीं, बैस्टिल स्क्वायर इलाके में हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी जमा हुए। यहां भी हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।

प्रदर्शनों का असर देशभर के स्कूलों पर भी पड़ा। फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार को 375 स्कूल पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहे। इसके चलते शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और छात्रों की नियमित पढ़ाई बाधित हुई।

आंदोलन के बाद 6,600 से ज्यादा गिरफ्तारियां

फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, सितंबर में आंदोलन शुरू होने के बाद से अब तक पुलिस 6,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों और कई स्थानों पर हुई झड़पों के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग

प्रदर्शनकारी छात्र स्कूलों की खराब स्थिति, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की कमी तथा पर्याप्त संसाधनों के अभाव को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। उनकी मांग है कि सरकार शिक्षा के लिए अधिक धन उपलब्ध कराए और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाए।

आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री ने छात्रों और शिक्षकों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल कदम उठा रही है। हालांकि, प्रदर्शन जारी रहने से यह स्पष्ट है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर असंतोष अभी खत्म नहीं हुआ है।

तीसरे सप्ताह में पहुंच चुके इस आंदोलन के बीच अब सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदम और छात्रों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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