फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों से केरलम की राजनीति में हलचल, तिरुअनंतपुरम के मेयर के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
केरलम में फर्जी हस्ताक्षर पर सियासी घमासान, तिरुअनंतपुरम के महापौर समेत तीन पर केस; 5 करोड़ की मानहानि का नोटिस
केरलम की राजधानी तिरुअनंतपुरम में कथित फर्जी हस्ताक्षर के मामले ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है। पुलिस ने महापौर वीवी राजेश, भाजपा पार्षद सुगाथन और नगर निगम सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, महापौर ने माकपा पार्षद एसपी दीपक को कानूनी नोटिस भेजकर आरोपों को झूठा और मानहानिकारक करार दिया है। उन्होंने पांच करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पुलिस के अनुसार, माकपा पार्षद दीपक की शिकायत के आधार पर बुधवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम परिषद की तीन बैठकों के उपस्थिति रजिस्टर में सुगाथन के फर्जी हस्ताक्षर दर्ज किए गए। ये बैठकें 26 फरवरी, 11 मार्च और 27 अप्रैल को हुई थीं।
सुगाथन की अयोग्यता टालने के लिए जालसाजी का आरोप
प्राथमिकी में दावा किया गया है कि सुगाथन को पार्षद पद से अयोग्य ठहराए जाने से बचाने के लिए उनकी अनुपस्थिति के बावजूद उपस्थिति दर्ज कराने की कथित साजिश रची गई। शिकायतकर्ता दीपक ने कहा है कि सुगाथन के चुनाव नामांकन पत्र पर मौजूद हस्ताक्षर और परिषद की बैठकों के रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षरों में अंतर है।
सुगाथन को कई आपराधिक मामलों में कथित संलिप्तता के आरोप में केरल असामाजिक गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। केरल नगरपालिका अधिनियम के तहत परिषद की बैठकों से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर किसी पार्षद को अयोग्य ठहराया जा सकता है।
इसी प्रावधान के संदर्भ में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सुगाथन की सदस्यता बचाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जालसाजी, आपराधिक साजिश और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच के अगले चरण में पुलिस नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड हासिल करेगी और आरोपितों के बयान दर्ज करेगी। उपस्थिति रजिस्टर तथा अन्य दस्तावेजों की जांच से मामले में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
महापौर ने भेजा पांच करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस
महापौर वीवी राजेश ने आरोपों पर पलटवार करते हुए वकील के माध्यम से माकपा पार्षद एसपी दीपक को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताते हुए पांच करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। साथ ही, मांग पूरी नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उधर, केरल हाई कोर्ट के आदेश के बाद सुगाथन को हाल ही में जेल से रिहा किया गया था। अब पुलिस जांच में नगर निगम के दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता की पड़ताल की जाएगी। जांच के निष्कर्ष से ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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