हूती विद्रोहियों का बढ़ता हमला: सऊदी अरब के बाद अब यमन के तैज शहर को बनाया निशाना

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सऊदी अरब पर हूतियों के मिसाइल हमले तेज, यमन के तैज शहर की घेराबंदी से 10 लाख लोगों पर संकट

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले तेज करने के साथ अपने ही देश में सरकारी सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फिर मिसाइल हमले की खबर सामने आई। हूतियों ने खामिस मुशैत स्थित सऊदी वायुसेना अड्डे को निशाना बनाने का भी दावा किया है। दूसरी ओर, यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर तैज की घेराबंदी बढ़ने से वहां रहने वाले करीब 10 लाख लोगों की सुरक्षा और जरूरी सामान की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

रियाद हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन बंद होने के कारण ताजा हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, सऊदी अरब ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसी बीच ईरान ने हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बातचीत कराने का प्रस्ताव दिया है।

रियाद से जेद्दा तक हवाई सेवाओं पर असर

रिपोर्टों के मुताबिक, रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सात दिनों के भीतर छह हवाई हमलों का सामना कर चुका है। सुरक्षा चिंताओं के चलते यहां उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है और सेवाएं 18 अक्टूबर तक बंद रहने की आशंका जताई गई है। शनिवार को हुए हमले में 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक के घायल होने की खबर के बाद हवाई अड्डे को बंद करने का फैसला लिया गया था।

रॉयटर्स के अनुसार, सऊदी अरब के दूसरे सबसे व्यस्त जेद्दा हवाई अड्डे पर भी सुरक्षा कारणों से अधिकांश उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर सहित भारतीय विमानन कंपनियों ने 17 अक्टूबर तक सऊदी अरब के लिए अपनी सेवाएं रोकने का निर्णय लिया है।

अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। एतिहाद एयरवेज और कतर एयरवेज ने भी उड़ान सेवाएं रोकने वाली कंपनियों में शामिल होने का फैसला किया है। वहीं, एयर फ्रांस-केएलएम समेत कुछ अन्य कंपनियों ने अक्टूबर के अंत तक सेवाएं निलंबित रखने के संकेत दिए हैं।

लगातार उड़ानें रद्द होने से सऊदी अरब के विमानन और पर्यटन उद्योग को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इससे देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हाल के वर्षों में किए गए निवेश पर भी असर पड़ सकता है।

तैज शहर को चारों तरफ से घेरने की कोशिश

सऊदी अरब पर हमलों के बीच हूती लड़ाके यमन में सरकारी सेना के साथ भी भीषण जमीनी संघर्ष कर रहे हैं। यमन की सरकारी सेना अपने नियंत्रण से बाहर गए इलाकों को वापस लेने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब तैज शहर की सुरक्षा उसके लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, हूती लड़ाके तैज की ओर बढ़ते हुए उसकी घेराबंदी मजबूत कर रहे हैं। इससे शहर का अन्य इलाकों से संपर्क टूटने का खतरा पैदा हो गया है। पहाड़ियों से घिरे इस शहर में रहने वाले करीब 10 लाख लोग संघर्ष के बीच फंसने की आशंका से चिंतित हैं।

2014 जैसी स्थिति लौटने का डर

यमन लंबे समय से गृहयुद्ध और अस्थिरता से जूझ रहा है। तैज के लोग वर्ष 2014 में भी घेराबंदी और आवश्यक वस्तुओं की कमी जैसी मुश्किलें झेल चुके हैं। मौजूदा हालात ने एक बार फिर पुरानी आशंकाएं बढ़ा दी हैं। शहर के निवासियों ने खाद्य सामग्री और दूसरी जरूरी वस्तुओं का भंडारण शुरू कर दिया है।

यदि घेराबंदी और सख्त होती है, तो भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति बाधित हो सकती है। इससे बड़ी आबादी के सामने मानवीय संकट गहराने का खतरा है।

ईरान ने बातचीत का दिया प्रस्ताव

सऊदी अरब पर लगातार हमलों और यमन में बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इस पहल से तनाव कम होगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में होने वाली कूटनीतिक गतिविधियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, हवाई हमलों और तैज की घेराबंदी ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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