UN में भारत की पाकिस्तान को दोटूक, ‘सेना के आदेश मानने के बजाय अपनी अवाम के हितों की चिंता करे इस्लामाबाद’

3

UN में भारत का पाकिस्तान पर हमला, कहा- सेना की सुनने के बजाय अपनी जनता की चिंता करे इस्लामाबाद

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को एक बार फिर घेरते हुए आरोप लगाया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल अपने प्रचार के लिए कर रहा है, जबकि उसे अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। भारत ने जम्मू-कश्मीर पर अपना रुख दोहराते हुए पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करने की मांग भी की।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर विशेष प्रतिवेदक के साथ संवाद के दौरान भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पाकिस्तान के बयानबाजी वाले रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधियों को सेना के निर्देशों के अनुसार चलने के बजाय अपने देश की जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

पुरी ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मंच का इस्तेमाल प्रचार के लिए किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा पाकिस्तान को अपने अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों से हट जाना चाहिए। उन्होंने इस्लामाबाद से अपने देश के भीतर की समस्याओं पर ध्यान देने और नागरिकों की चिंताओं का समाधान करने की अपील भी की।

अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भारत ने क्या कहा?
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा को प्रत्येक देश की संप्रभु जिम्मेदारी बताया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि भारत की विविधतापूर्ण सभ्यतागत परंपरा उसके संवैधानिक प्रावधानों में दिखाई देती है, जो धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

भारत ने राष्ट्रीय विकास में अल्पसंख्यक समुदायों की भूमिका का भी उल्लेख किया। साथ ही, सरकार और प्रमुख संस्थानों के उच्च पदों पर उनकी भागीदारी को रेखांकित किया।

यह घटनाक्रम 23 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर सवाल उठाए जाने के बाद सामने आया। भारत ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान कमजोर समुदायों की सुरक्षा करने में नाकाम रहने के बावजूद धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भारत को उपदेश देने की कोशिश करता है।

भारत-UN विकास साझेदारी कोष की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना
दूसरी ओर, भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष की विकास परियोजनाओं की कई देशों ने प्रशंसा की। भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों के साथ विकास संबंधी अनुभव साझा करने और उनकी प्राथमिकताओं के अनुरूप सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में इस कोष के वार्षिक कार्यक्रम के नौवें संस्करण का आयोजन किया। इसमें भारतीय सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

हरीश ने कहा कि विकास परियोजनाओं के जमीनी प्रभाव से जुड़ी कई प्रेरणादायक जानकारियां मिली हैं। उन्होंने दोहराया कि भारत ग्लोबल साउथ के देशों के साथ अपने विकास अनुभव साझा करने और मित्र देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने 2017 में ग्लोबल साउथ के देशों को उनके विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद देने के लिए 15 करोड़ डॉलर देने का वादा किया था।

Comments are closed.