मिडटर्म चुनाव में नुकसान पर ट्रंप का कबूलनामा, ईरान युद्ध और तेल की बढ़ती कीमतों को ठहराया जिम्मेदार
मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ट्रंप ने मानी गलती, ईरान युद्ध और महंगाई को बताया बड़ा कारण
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को हुए नुकसान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना है कि ईरान के साथ लंबे समय से जारी युद्ध और पेट्रोल-गैस की बढ़ती कीमतों का असर चुनावी नतीजों पर पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि युद्ध के कारण बढ़े आर्थिक दबाव से अमेरिकी मतदाता नाराज थे और इसका खामियाजा उनकी पार्टी को भुगतना पड़ा।
हालांकि, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को जरूरी बताते हुए उसका बचाव किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने हितों को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया था और आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा। इस बीच, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को हटाए जाने की अटकलों पर उन्होंने विराम लगा दिया। ट्रंप ने कहा कि हेगसेथ शानदार काम कर रहे हैं।
चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप के रुख में कुछ बदलाव भी नजर आया। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी को जीत की बधाई दी और साझा मुद्दों पर मिलकर काम करने की इच्छा जाहिर की। सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह देश के हित में डेमोक्रेट्स के साथ सहयोग करना चाहते हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने चुनावी नतीजों को स्वीकार किया। हालांकि, बाद में उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए अपनी अनुपस्थिति को भी एक कारण बताया। साथ ही डेमोक्रेट्स को चेतावनी दी कि उनके ऐसे विधेयकों को राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का इस्तेमाल कर रोक दिया जाएगा, जिनसे वह सहमत नहीं होंगे।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन के पीछे ईरान युद्ध को एक प्रमुख कारण बताया। चुनावी नतीजों के बाद महंगाई, ईंधन की कीमतें और विदेश नीति ट्रंप प्रशासन के लिए अहम राजनीतिक मुद्दे बनकर सामने आए हैं।
अमेरिकी चुनावी नतीजों पर तेहरान में जश्न
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को हुए नुकसान का ईरान में भी स्वागत किया गया। तेहरान में लोगों ने चुनावी नतीजों को ट्रंप की युद्ध नीति के खिलाफ अमेरिकी जनता के रुख के तौर पर पेश किया।
बुधवार को हजारों लोगों ने तेहरान की सड़कों पर मार्च निकाला। यह आयोजन 1979 में अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की बरसी के साथ-साथ अमेरिकी चुनाव परिणामों के संदर्भ में किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिकी मतदाताओं ने ईरान के खिलाफ ट्रंप की सैन्य नीति को नकार दिया है।
दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने एक पत्र में कहा कि अमेरिका में राजनीतिक बदलाव से इस्लामी गणराज्य के प्रति उसकी शत्रुतापूर्ण नीति बदलने की उम्मीद करना गलत है। उन्होंने ऐसी सोच को बड़ी गलतफहमी करार दिया।
ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलीबाफ ने भी चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के खिलाफ अपना संदेश दिया है और ईरान इस संदेश का समर्थन करता है।
इस बीच, ईरान की न्यायपालिका से जुड़े एक समाचार मंच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी साझा की। इसमें कहा गया कि ट्रंप ईरान में सत्ता परिवर्तन कराने में सफल नहीं हुए, लेकिन टेक्सास में ऐसा कर दिखाया। यह टिप्पणी टेक्सास में डेमोक्रेट उम्मीदवार की सीनेट चुनाव में जीत के संदर्भ में थी।
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