स्पेसएक्स के एक निष्क्रिय रॉकेट का करीब 4,500 किलोग्राम वजनी हिस्सा 5 अगस्त को चंद्रमा की सतह से टकराने वाला है।
यह रॉकेट 15 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया था। मिशन पूरा होने के बाद इसका एक हिस्सा पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर अंतरिक्ष में भटकता रहा और अब वह चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। अंतरिक्ष ट्रैकिंग विशेषज्ञों के मुताबिक, रॉकेट का यह हिस्सा करीब 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग मैक 7) की रफ्तार से चंद्रमा के पश्चिमी हिस्से में स्थित आइंस्टीन क्रेटर के पास टकरा सकता है। इस प्रभाव से लगभग 30 मीटर चौड़ा नया क्रेटर बनने और बड़ी मात्रा में धूल व मलबा उछलने का अनुमान है।
यह चंद्रमा से दुर्घटनावश टकराने वाले रॉकेट अवशेषों की दूसरी चर्चित घटना होगी। इससे पहले 2022 में एक चीनी रॉकेट के अवशेष चंद्रमा के सुदूर हिस्से से टकराए थे, जिससे दो क्रेटर बने थे।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस टक्कर में निकलने वाली ऊर्जा लगभग तीन टन टीएनटी के विस्फोट के बराबर होगी। हालांकि, चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं होने के कारण पृथ्वी की तरह आग या धमाके का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसकी बजाय सतह से धूल और चट्टानों का गुबार उछलेगा, जिससे नया क्रेटर बनेगा।
रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना 5 अगस्त को तड़के होगी। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अमेरिका और कनाडा के पूर्वी हिस्सों के साथ दक्षिण अमेरिका के कई क्षेत्रों से इस प्रभाव की चमक या धूल का गुबार देखे जाने की संभावना है। इस टक्कर से जुटने वाले आंकड़े वैज्ञानिकों को चंद्रमा की सतह और प्रभाव क्रेटर बनने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे।
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