शुभेंदु सरकार का बड़ा कदम, बंगाल में आज से घुसपैठियों की वापसी शुरू

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बंगाल में नई भाजपा सरकार ने सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में ‘पुशबैक’ नीति लागू करने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को नवान्न सचिवालय में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की। सरकार के मुताबिक अब सीमा पार से अवैध रूप से राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर बीएसएफ को सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व सरकार पर निशाना
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने मई 2025 में ही अवैध घुसपैठ से जुड़े मामलों में बीएसएफ के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन पिछली सरकार ने उन पर प्रभावी अमल नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से सीमा सुरक्षा के मुद्दे की अनदेखी की गई।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपनाएगी। सीमा से लगे इलाकों में पुलिस और बीएसएफ के संयुक्त अभियान को भी तेज किया जाएगा।

‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ पर फोकस
राज्य सरकार ने सीमावर्ती जिलों के पुलिस थानों को हाई अलर्ट पर रखा है। अभियान को ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ रणनीति के तहत चलाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े कुछ हिस्सों में भूमि संबंधी समस्याओं के कारण अब तक फेंसिंग का काम पूरा नहीं हो पाया था।

सरकार ने शुरुआती चरण में 27 किलोमीटर क्षेत्र में फेंसिंग के लिए बीएसएफ को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बाकी इलाकों में भी जल्द जमीन हस्तांतरण के निर्देश दिए गए हैं।

सीएए पर सरकार की सफाई
मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कहा कि पड़ोसी देशों से धार्मिक उत्पीड़न झेलकर आए पात्र अल्पसंख्यकों को कानून के अनुसार संरक्षण और नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर भारत आए योग्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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