घूसखोरी के आरोप में DSP पर ACB का शिकंजा, छापे में करोड़ों की संपत्ति और जेवरात मिले

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तेलंगाना में निलंबित DSP भीम रेड्डी से जुड़े कथित बेनामी संपत्ति मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बड़ा तलाशी अभियान चलाया है।

हैदराबाद और जहीराबाद में 10 ठिकानों पर हुई छापेमारी में भारी नकदी, विदेशी मुद्रा, शराब और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है।

10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी

ACB ने गुरुवार को भीम रेड्डी से जुड़े आठ संदिग्ध बेनामीदारों के परिसरों की तलाशी ली। जांच टीमों ने हैदराबाद और जहीराबाद में 10 अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान कथित बेनामी संपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।

बोम्मा वेंकटेश के घर से करीब 1.35 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा विदेशी मुद्रा और लगभग 14 लीटर विदेशी शराब भी मिली। शराब को आगे की कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग को सौंपने की प्रक्रिया की गई है। मामले की जांच अभी जारी है।

पहले की रेड में सामने आई थी करोड़ों की संपत्ति

इससे पहले 2 जुलाई को ACB ने इसी मामले में 16 ठिकानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी के मुताबिक, उस कार्रवाई में करीब 300 करोड़ रुपये की कथित बेहिसाब संपत्ति का पता चला था।

जांच के दौरान लग्जरी विला, फ्लैट, 50 एकड़ से अधिक जमीन, सोना और नकदी जैसी संपत्तियों का पता लगने की बात कही गई थी। अब एजेंसी इन संपत्तियों के वास्तविक मालिकों और उनकी खरीद में इस्तेमाल धन के स्रोत की जांच कर रही है।

जुलाई से जांच के घेरे में हैं DSP

DSP भीम रेड्डी के खिलाफ ACB की कार्रवाई इसी साल जुलाई में तेज हुई थी। उनके ठिकानों पर तलाशी के दौरान कथित बेनामी संपत्तियों की जानकारी सामने आने के बाद मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की भी जांच शुरू हुई। ED ने भी संपत्तियों के वास्तविक मालिकों और लेन-देन में इस्तेमाल धन के स्रोत की पड़ताल शुरू की।

6 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी

तेलंगाना पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (PCS) में तैनात DSP भीम रेड्डी को ACB ने 6 जुलाई को इब्राहिमबाग स्थित वेस्सेला मीडोज के उनके आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद तेलंगाना और कर्नाटक में DSP और उनके रिश्तेदारों से जुड़े 16 ठिकानों पर तलाशी ली गई थी।

ACB की ताजा कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा संदिग्ध बेनामीदारों, संपत्तियों के स्वामित्व और कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत तक पहुंच गया है।

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