ईरान युद्ध रोकने की कोशिश नाकाम, अमेरिकी सीनेट में 49-50 से खारिज हुआ युद्ध शक्तियों का प्रस्ताव

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ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर अंकुश लगाने वाला प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में पारित नहीं हो सका। गुरुवार को हुए मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 49 और विपक्ष में 50 वोट पड़े।

ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव का असर अमेरिका की घरेलू राजनीति पर भी दिखाई दे रहा है। गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सांसदों के बीच चिंता बढ़ी है और आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।

सीनेट में हुआ यह मतदान ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के कुछ दिन बाद हुआ। UN में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया था और सैन्य कार्रवाई के मुद्दे पर अपनी नीति स्पष्ट की थी।

चार रिपब्लिकन सांसदों ने दिया प्रस्ताव का साथ

मतदान के दौरान चार रिपब्लिकन सीनेटरों ने पार्टी के कई सदस्यों से अलग रुख अपनाते हुए प्रस्ताव के समर्थन में वोट दिया। इनमें सुसान कॉलिन्स, लिसा मुर्कोव्स्की, रैंड पॉल और थॉम टिलिस शामिल थे।

वहीं डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेटरमैन ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन ने कहा कि सांसदों को युद्ध से जुड़े मुद्दों पर अपने मतदाताओं की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।

सीनेटर थॉम टिलिस ने भी ईरान संघर्ष को लेकर मौजूदा स्थिति में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, प्रस्ताव को पारित कराने के लिए जरूरी समर्थन नहीं जुट पाया।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे करीब 60 जहाज

ईरान के साथ तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही भी जारी है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, बुधवार को करीब 60 कमर्शियल जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरे।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में जारी तनाव के बीच ऊर्जा कीमतों और समुद्री व्यापार पर संभावित असर को लेकर भी अमेरिकी प्रशासन और सांसदों की नजर बनी हुई है।

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