अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच युद्धविराम समझौते को लेकर नई हलचल देखने को मिल रही है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान प्रस्तावित समझौते के अंतिम मसौदे पर अपना जवाब तैयार कर रहा है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और समझौते की संभावनाएं अभी भी बनी हुई हैं।
ट्रंप ने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद पूरी तरह बंद हो चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष संपर्क में हैं और युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं। कूटनीतिक प्रगति की उम्मीदों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
तनाव के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक चिंता का केंद्र बना हुआ है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी निगरानी में पिछले 24 घंटों के दौरान 24 जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरे हैं। दूसरी ओर, समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता तब और बढ़ गई जब शिपिंग कंपनी एमएससी ने इराक के उम्म कसर बंदरगाह पर खड़े अपने एक जहाज पर मिसाइल हमले की जानकारी दी।
आईआरजीसी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई ओमान की खाड़ी में एक ईरानी पोत पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में की गई। तीन महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है और अब तक किसी स्थायी समाधान पर सहमति नहीं बन सकी है।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान समझौते के मसौदे पर सावधानीपूर्वक विचार कर रहा है। अमेरिका के साथ लंबे समय से चले आ रहे अविश्वास के कारण तेहरान किसी भी प्रस्ताव को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। वहीं ट्रंप ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य समुद्री गतिविधियों की बहाली को लेकर प्रगति हो सकती है।
इस बीच, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबॉफ ने कहा है कि किसी भी संभावित समझौते में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रावधान शामिल होना चाहिए। उनका कहना है कि व्यापक युद्धविराम के बिना क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं की जा सकती।
पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भारत ने भी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी माध्यम हैं। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील की है।
उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि केवल होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के बदले ईरान को प्रतिबंधों में राहत देने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों में किसी भी संभावित ढील का संबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली प्रगति से होगा। रुबियो के अनुसार, परमाणु मुद्दे पर बातचीत जटिल है और किसी व्यापक समझौते तक पहुंचने में अभी समय लग सकता है।
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