आइची-नागोया में आज से एशियाई खेलों का आगाज, 501 सदस्यीय भारतीय दल पर बढ़ी उम्मीदें
जापान के आइची-नागोया में शनिवार से एशियाई खेलों के 20वें संस्करण की शुरुआत होगी। तीन साल पहले हांगझू में 106 पदक जीतकर भारत ने महाद्वीपीय खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। अब भारतीय खिलाड़ियों के सामने उस उपलब्धि को पीछे छोड़ने की चुनौती होगी।
501 सदस्यीय भारतीय दल अगले 15 दिनों में 43 खेलों में अपनी दावेदारी पेश करेगा। हांगझू की सफलता ने भारतीय खेलों के बढ़ते दायरे को रेखांकित किया था और अब आइची-नागोया में खिलाड़ियों से उस निरंतरता को कायम रखने की उम्मीद है।
करीब 11 हजार खिलाड़ी इस एशियाई खेलों में हिस्सा लेंगे। भारत के लिए यह अभियान केवल पदकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को परखने का अवसर भी होगा। देश ने 2036 तक दुनिया के शीर्ष 10 खेल राष्ट्रों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है और इस लिहाज से भी यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है।
हांगझू में हासिल किए गए 106 पदक भारतीय दल के लिए नया मानक बन चुके हैं। आइची-नागोया में खिलाड़ी इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने के साथ उससे आगे निकलने की कोशिश करेंगे।
निशानेबाजी और एथलेटिक्स से बड़ी उम्मीदें
भारतीय पदक अभियान में निशानेबाजी और एथलेटिक्स की अहम भूमिका रहने की संभावना है। 30 सदस्यीय निशानेबाजी टीम राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेगी। इन स्पर्धाओं में भारत के पास कई पदक अवसर हैं।
एथलेटिक्स में भारत को नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी का सामना करना पड़ेगा। चोट के कारण दो बार के एशियाई खेल चैंपियन इस बार अपने तीसरे लगातार स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकेंगे। हालांकि 74 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम में कई मजबूत दावेदार मौजूद हैं, जिनसे पदक की उम्मीद की जा रही है।
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