सऊदी अरामको का भारतीय रिफाइनरियों को झटका, कच्चे तेल की आपूर्ति पर लगी रोक

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सऊदी पाइपलाइन पर हमले का असर, अरामको ने भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की सप्लाई रोकी

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की आपूर्ति फिलहाल रोक दी है। कंपनी ने यह रोक अगले आदेश तक जारी रखने का फैसला किया है। करीब 1,200 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी तट से जोड़ती है।

गुरुवार को इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया की ओर से किए गए ड्रोन हमलों के बाद पाइपलाइन का संचालन बंद करना पड़ा। इसके अलावा सऊदी अरब के पश्चिमी लाल सागर तट पर यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

ईरान समर्थित समूह की ओर से लाल सागर में सऊदी शिपिंग को लेकर दी गई धमकियों ने वैश्विक तेल बाजार की चिंता बढ़ाई है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच इस महीने की शुरुआत में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं।

70 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली पाइपलाइन

ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल सऊदी अरब के लिए समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी हमलों के बाद जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर सऊदी अरब ने इस पाइपलाइन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था। इसकी क्षमता करीब 70 लाख बैरल प्रतिदिन है।

पाइपलाइन बंद होने के बावजूद शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र था जब तेल के दाम नीचे आए। सऊदी तेल आपूर्ति में बड़े व्यवधान की आशंका कम होने को बाजार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष की चिंताओं से अधिक महत्व दिया।

ब्रेंट क्रूड वायदा 1.65 डॉलर यानी 1.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) वायदा भी 61 सेंट यानी 0.6 प्रतिशत गिरकर 101.30 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

ब्रेंट क्रूड में इस सप्ताह करीब 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज होने की संभावना थी। ऐसा होने पर तीन सप्ताह में यह उसकी पहली साप्ताहिक गिरावट होगी।

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