वाहन मालिकों के लिए FASTag से जुड़ी एक बड़ी सुविधा शुरू हो गई है।
अब वे अपना मौजूदा FASTag बिना नया टैग खरीदे एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट कर सकेंगे। यह सुविधा मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तर्ज पर काम करेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शुक्रवार को ‘वन टैग’ फ्रेमवर्क लॉन्च किया। इसमें करीब एक दर्जन प्रमुख बैंक शामिल हुए हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), ICICI बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
नई व्यवस्था के तहत अगर कोई वाहन मालिक अपने मौजूदा FASTag जारीकर्ता बैंक की सेवाओं से संतुष्ट नहीं है, तो वह नया FASTag लिए बिना दूसरे भाग लेने वाले बैंक में अपना टैग ट्रांसफर कर सकेगा। इससे बैंक बदलने के लिए नया टैग लेने और पुराने FASTag को बदलवाने की परेशानी खत्म होगी।
लोकल वाहन मालिकों के लिए भी जल्द शुरू होगा वार्षिक पास
सरकार टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय वाहन मालिकों के लिए वार्षिक लोकल पास शुरू करने की तैयारी भी कर रही है। इसकी कीमत करीब 1,500 रुपये रखे जाने का अनुमान है।
फिलहाल स्थानीय लोगों को मासिक आधार पर लोकल पास जारी किए जाते हैं। वहीं, FASTag का वार्षिक पास पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर यात्रा के लिए मान्य होता है।
ऐप के जरिए कर सकेंगे FASTag पोर्ट
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि FASTag की पोर्टेबिलिटी राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर टोल कलेक्शन में FASTag की हिस्सेदारी 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।
नई पोर्टेबिलिटी सुविधा से वाहन मालिकों को बैंक की सेवाओं के आधार पर FASTag जारीकर्ता बदलने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी और नया टैग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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