अमेरिका-ईरान टकराव की आशंका तेज, 50 फाइटर जेट की तैनाती से बढ़ी हलचल

4

United States–Iran के बीच बढ़ता तनाव, बातचीत के साथ सैन्य हलचल भी तेज

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित टकराव टालने के लिए कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं, लेकिन जिनेवा में हो रही अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ताओं के बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास बना हुआ है। ईरान ने मंगलवार को कहा कि वार्ता के दौरान कुछ “मार्गदर्शक सिद्धांतों” पर सहमति बनी है, जिनका उद्देश्य तनाव कम करना है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने संकेत दिया कि ईरान ने अब तक अमेरिका की सभी अहम शर्तों को स्वीकार नहीं किया है।

मध्य पूर्व में अमेरिकी तैनाती बढ़ी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के नेतृत्व में अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 50 से अधिक लड़ाकू विमानों—जिनमें F-22, F-35 और F-16 शामिल हैं—को क्षेत्र में तैनात किया गया है।

इससे पहले विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln को सहयोगी युद्धपोतों के साथ भेजा गया था। साथ ही USS Gerald R. Ford को भी क्षेत्र में तैनाती के आदेश दिए गए हैं। इन कदमों को सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर उठाया गया बताया गया है।

ईरान की सैन्य सक्रियता

दूसरी ओर ईरान ने भी अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में लाइव फायर अभ्यास किए हैं। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है।

ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei ने हालिया बयान में कहा कि देश किसी भी खतरे का जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने इशारों में चेतावनी दी कि क्षेत्र में तैनात सैन्य ताकत को भी चुनौती दी जा सकती है।

कूटनीति बनाम शक्ति प्रदर्शन

विश्लेषकों का मानना है कि एक ओर वार्ता के जरिए तनाव कम करने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर सैन्य तैनाती और बयानबाजी से दबाव की राजनीति भी जारी है। फिलहाल स्थिति संतुलन की अवस्था में है—जहां बातचीत भी चल रही है और शक्ति प्रदर्शन भी। आने वाले दिनों में वार्ता की प्रगति और क्षेत्रीय हालात इस तनाव की दिशा तय करेंगे।

Comments are closed.