क्या CEC ने लिए एकतरफा फैसले? ज्ञानेश कुमार के निलंबन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, एकतरफा फैसलों और SIR बदलावों पर उठे सवाल

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के निलंबन और उनके कथित तौर पर लिए गए “अनधिकृत” फैसलों को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी, जिसमें न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं।

याचिकाएं पटना निवासी राकेश कुमार सिंह और अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दायर की हैं। इनमें चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के साथ-साथ CEC के अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने ऐसे अधिकारों का व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल किया, जो कानून के मुताबिक पूरे चुनाव आयोग के पास हैं। उनका दावा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए कुछ बदलाव अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति या सिफारिश के बिना किए गए।

याचिका में एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि पिछले 10 महीनों में दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 बार ऐसे फैसलों पर आपत्ति जताई, जिन्हें कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना जारी किया गया था।

अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के जरिए दायर याचिका में कहा गया है कि इस तरह के फैसले चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय व्यवस्था और उसके बहु-सदस्यीय स्वरूप के विपरीत हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि मामले के अंतिम निपटारे तक CEC ज्ञानेश कुमार को उनके पद के कार्यों से निलंबित किया जाए।

याचिका में आयोग की निर्णय प्रक्रिया की सामूहिक प्रकृति बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा, आधिकारिक कर्तव्यों के कथित उल्लंघन को लेकर CEC और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग भी की गई है।

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