“मां को डूबते देखा, कुछ नहीं कर पाया”: जबलपुर क्रूज हादसे के survivor युवक का दिल दहला देने वाला बयान
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी बांध पर गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा एक भीषण त्रासदी में बदल गया, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं।
अचानक आए तूफान और तेज लहरों के कारण पर्यटकों से भरी क्रूज नाव पलट गई, जिससे कुछ ही पलों में खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं। हादसे में बचे सैयद रियाज हुसैन ने दिल दहला देने वाला मंजर याद करते हुए कहा, “मैंने अपनी मां को डूबते हुए देखा, लेकिन मैं कुछ नहीं कर सका।” उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी, पोता और भाभी अब भी लापता हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से ठीक पहले एक परिवार क्रूज पर खुशी-खुशी वक्त बिता रहा था। तभी अचानक मौसम बिगड़ा और नाव में पानी भरने लगा। अफरा-तफरी के बीच एक बच्ची ने अपनी दादी को डूबते हुए देखा, जबकि मां, भाई और दादाजी भी भीड़ और लहरों में बिछड़ गए।
एक अन्य जीवित बचे युवक ने बताया, “मेरी मां और भाई लापता हैं, लेकिन मुझे मेरे दादाजी मिल गए।” उसकी आंखों में डर और सदमे का असर साफ दिख रहा था।
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। तलाशी के दौरान एक महिला और उसके बेटे का शव बरामद हुआ, जो एक-दूसरे को थामे हुए थे—यह दृश्य हादसे की भयावहता को और गहरा कर देता है।
इस बीच, सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, खासकर लाइफ जैकेट की उपलब्धता को लेकर। राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जबलपुर के डीआईजी अतुल सिंह ने कहा कि कम दृश्यता के चलते अभी भी कुछ लोगों के नाव के अंदर फंसे होने की आशंका है।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
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