होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है।
अमेरिकी सैन्य कमान यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान के 80 सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। यह कार्रवाई होर्मुज में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद की गई।
अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। वाशिंगटन का कहना है कि यह हमला हालिया युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है और उसी के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
CENTCOM के मुताबिक, हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार और निगरानी केंद्र, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया। दक्षिणी ईरान के सिरीक, केशम और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं।
ईरान का पलटवार वाला रुख
ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया है और ईरान अपने राष्ट्रीय हितों, संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। ऐसे में इस नए सैन्य घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ा दी है और निवेशकों की नजर अब क्षेत्र की अगली गतिविधियों पर टिकी है।
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