ब्रिटेन में फंसे भारतीय जहाज कप्तान, उत्तराखंड से उठी रिहाई की मांग

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रूस पर लगे प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में ब्रिटेन ने भारतीय कप्तान अजय पंत को गिरफ्तार कर लिया है।

उत्तराखंड के नैनीताल निवासी पंत एक तेल टैंकर के मास्टर (कप्तान) थे, जिसे इंग्लिश चैनल में रोके जाने के बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार ने भारत सरकार से हस्तक्षेप कर रिहाई और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय अजय पंत MV Smyrtos नामक टैंकर की कमान संभाल रहे थे। जहाज 4 जून को रूस के उस्त-लुगा बंदरगाह से लगभग 1.01 लाख टन उराल क्रूड ऑयल लेकर गुजरात के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुआ था। 14 जून को ब्रिटिश सुरक्षा बलों ने इंग्लिश चैनल में जहाज को रोक लिया और रॉयल मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर के जरिए जहाज पर चढ़कर कार्रवाई की।

दो दिन बाद अजय पंत को साउथेम्प्टन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन पर रूस (सैंक्शंस) रेगुलेशंस 2019 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को बोर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी। दोषी पाए जाने पर उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है।

अजय पंत की पत्नी रीतु पंत का कहना है कि उनके पति का 15 वर्षों का समुद्री करियर बेदाग रहा है और उन्होंने केवल कंपनी के निर्देशों के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। परिवार का दावा है कि उनका इस कथित उल्लंघन में कोई व्यक्तिगत रोल नहीं है।

मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी केंद्र से मदद मांगी है। राज्य के गृह सचिव शैलेश बगौली के अनुसार, विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा गया है और भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। भारतीय उच्चायोग को अजय पंत से मिलने और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए कॉन्सुलर एक्सेस भी मिल गया है।

इस बीच, टैंकर पर मौजूद 24 भारतीय और जॉर्जियाई क्रू सदस्य अभी जहाज पर ही हैं। जहाज को डोरसेट के वेमाउथ तट के पास निगरानी में रखा गया है, जहां सुरक्षा और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उस पर नजर रखी जा रही है।

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