ईरान-इजरायल तनाव के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे Pakistan के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। Israel ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है, जिसकी वजह बने उसके रक्षा मंत्री Khawaja Asif के विवादित बयान।
बयान से भड़का विवाद
ख्वाजा आसिफ ने एक टिप्पणी में इजरायल को “कैंसर” और “मानवता के लिए अभिशाप” बताया। उन्होंने कहा कि गाजा के बाद ईरान और अब लेबनान में भी सैन्य कार्रवाई जारी है और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने फलस्तीनी जमीन पर इजरायल की स्थापना को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
इजरायल का कड़ा जवाब
इस बयान पर Benjamin Netanyahu के कार्यालय ने सख्त प्रतिक्रिया दी। इजरायल ने कहा कि किसी देश के अस्तित्व पर सवाल उठाना अस्वीकार्य है, खासकर तब जब वही देश खुद को शांति वार्ता में मध्यस्थ बता रहा हो।
मध्यस्थता पर उठे सवाल
पाकिस्तान इस समय Iran और United States के बीच संघर्षविराम की कोशिशों में भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद में चल रही बातचीत को पाकिस्तान अपनी कूटनीतिक उपलब्धि बता रहा है, लेकिन इजरायल का कहना है कि ऐसे बयानों से उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
भरोसे की कमी पहले से
इजरायल ने संकेत दिया है कि उसे पाकिस्तान पर पहले से ही भरोसा नहीं है। गाजा में किसी संभावित अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल में पाकिस्तानी सेना की भागीदारी पर भी उसने पहले आपत्ति जताई थी।
क्षेत्रीय तनाव जारी
इस बीच लेबनान में हालात को लेकर तनाव बना हुआ है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि किसी भी संघर्षविराम व्यवस्था में लेबनान शामिल नहीं है और वह Hezbollah के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ कूटनीतिक माहौल को गरमा दिया है, बल्कि शांति प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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