17 साल बाद बांग्लादेश लौट रहा खालिदा जिया का बेटा, राजनीति में बढ़ी हलचल

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17 वर्षों के स्व-निर्वासन के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा नाम फिर से वापसी कर रहा है।

देश इस वक्त चुनावी तनाव, राजनीतिक हिंसा और हत्याओं के साये में है और ऐसे माहौल में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की ढाका वापसी को बेहद अहम माना जा रहा है। जिया परिवार के उत्तराधिकारी तारिक रहमान गुरुवार, 25 दिसंबर की सुबह ढाका पहुंचेंगे।

तारिक रहमान लगभग 17 साल से लंदन में रह रहे थे। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, वे लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से रात 12.36 बजे (बांग्लादेश समयानुसार) ढाका के लिए रवाना हुए। वे बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट से यात्रा कर रहे हैं। उनके साथ पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जायमा रहमान भी हैं। BNP के मीडिया सेल द्वारा साझा की गई तस्वीरों में विमान के भीतर परिवार को साथ देखा जा सकता है।

ढाका पहुंचने पर तारिक का स्वागत BNP स्थायी समिति के सदस्यों द्वारा किया जाएगा. वहां से वह रैली स्थल पर जाएंगे, जहां वह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देंगे और बांग्लादेश की जनता को संबोधित करेंगे. बाद में बशुंधरा के एवरकेयर अस्पताल में अपनी मां, बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया से मुलाकात करेंगे.

चुनावी राजनीति में अहम दावेदार

पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया (80) के बेटे तारिक रहमान (60) को फरवरी में संभावित आम चुनावों में प्रधानमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। BNP प्रवक्ता रुहुल कबीर रिजवी ने उनकी वापसी को “बांग्लादेश की राजनीति के लिए निर्णायक क्षण” बताया है।

तारिक रहमान के पिता जियाउर रहमान ने BNP की स्थापना की थी। वे सेना प्रमुख से राष्ट्रपति बने और 1977 से 1981 तक देश के राष्ट्रपति रहे, लेकिन 1981 में उनकी हत्या कर दी गई थी।

कड़ी सुरक्षा, शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने तारिक रहमान की वापसी के मद्देनज़र कड़े सुरक्षा इंतजामों के निर्देश दिए हैं। वहीं BNP ने उनके स्वागत के दौरान लाखों समर्थकों को जुटाकर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है।

बदले हालात में वापसी

तारिक रहमान की वापसी ऐसे वक्त हो रही है, जब छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक आंदोलनों के बाद 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना की अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो चुकी है। इसके बाद बदले राजनीतिक समीकरणों में BNP एक बार फिर केंद्रीय भूमिका में आ गई है।

2001-2006 के दौरान BNP की सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी और अन्य इस्लामी दल अब उसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। अंतरिम सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत अवामी लीग को भंग करने का आदेश भी जारी किया है।

शनिवार को तारिक रहमान का मतदाता के रूप में औपचारिक पंजीकरण किया जाएगा। इसके अलावा वे युवा नेता उस्मान हादी की कब्र पर भी जाएंगे, जिनकी हाल ही में ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल मस्जिद के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

गौरतलब है कि 2007-08 में सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार के दौरान तारिक रहमान को गिरफ्तार किया गया था। रिहाई के बाद वे इलाज के लिए ब्रिटेन चले गए और तब से वहीं रह रहे थे।

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