आज से बदल गए 7 बड़े नियम: GST, पेंशन और बिल पेमेंट पर पड़ेगा असर; जानें क्या हुआ महंगा और किसे मिली राहत
नवंबर में बदल गए कई बड़े नियम: GST रजिस्ट्रेशन से लेकर पेंशन और क्रेडिट कार्ड तक असर, 9 नवंबर से सस्ती होंगी कैंसर की दवाएं
नवंबर का महीना आम लोगों, कारोबारियों और निवेशकों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। महीने की पहली तारीख से जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया में राहत, मोबाइल पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने और पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाण पत्र जमा करने जैसे नियम लागू हो गए हैं। वहीं, पीएनबी क्रेडिट कार्ड से बड़े यूटिलिटी बिल का भुगतान करने पर अब अतिरिक्त शुल्क देना होगा। म्यूचुअल फंड निवेश के विकल्पों में भी बदलाव किया गया है। इसके अलावा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वालों को समय से पहले निकासी का अवसर मिलेगा और 9 नवंबर से 137 कैंसररोधी दवाओं की कीमतें घट सकती हैं।
1. को-वर्किंग स्पेस से भी करा सकेंगे GST रजिस्ट्रेशन
कारोबारियों के लिए जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। अब वे को-वर्किंग स्पेस के पते पर भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके लिए संबंधित कारोबारी को सदस्यता का प्रमाण अपलोड करना होगा। दस्तावेज में को-वर्किंग स्पेस का पता स्पष्ट रूप से दर्ज होना जरूरी है।
आधार आधारित सत्यापन के जरिए पंजीकरण कराने पर सामान्य परिस्थितियों में अधिकारी पते की भौतिक जांच नहीं करेंगे। हालांकि, धोखाधड़ी या गंभीर अनियमितता का संदेह होने पर जांच की जा सकती है। पते की पुष्टि के लिए बिजली बिल और हाउस टैक्स जैसे दस्तावेज भी देने होंगे। इसके साथ ही अपील शुल्क, नोटिस में कारणों की स्पष्ट जानकारी और रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़े बदलाव भी लागू किए गए हैं।
2. अनजान नंबर से कॉल आने पर भी दिखेगा नाम
मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके तहत कॉल आने पर फोन की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाई देगा, भले ही उसका नंबर मोबाइल में सेव न हो।
नाम सिम कार्ड लेते समय दिए गए केवाईसी रिकॉर्ड के आधार पर प्रदर्शित होगा। इस व्यवस्था से अनचाही और संदिग्ध कॉल की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है। शुरुआत में यह सुविधा 4जी और 5जी नेटवर्क वाले मोबाइल फोन पर उपलब्ध होगी। बाद में इसे 2जी और 3जी नेटवर्क तक भी बढ़ाया जा सकता है।
3. पेंशनभोगियों को 30 नवंबर तक जमा करना होगा जीवन प्रमाण पत्र
सरकारी पेंशन पाने वाले 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनभोगियों के लिए वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू हो गई है। उन्हें 30 नवंबर तक अपना प्रमाण पत्र जमा करना होगा। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है।
पेंशनभोगी बैंक की शाखा में जाकर जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके अलावा ‘जीवन प्रमाण’ सुविधा के जरिए आधार आधारित सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन की मदद से डिजिटल प्रमाण पत्र भी जमा किया जा सकता है।
4. PNB क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल भरना पड़ेगा महंगा
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल भुगतान के नियमों में बदलाव किया है। अब एक बिलिंग साइकिल में 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क देना होगा। हालांकि, प्रति लेनदेन यह शुल्क अधिकतम 2,000 रुपये तक होगा।
बिजली, पानी, इंटरनेट और टेलीफोन के बिल यूटिलिटी भुगतान में शामिल हैं। इससे पहले इन बिलों का भुगतान पीएनबी क्रेडिट कार्ड से करने पर इस तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता था। नए नियम का असर अधिक राशि के बिल क्रेडिट कार्ड से चुकाने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा।
5. म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान बनेगा डिफॉल्ट विकल्प
म्यूचुअल फंड निवेश के मामले में भी नया बदलाव लागू हुआ है। अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट विकल्प के रूप में दिखाई देगा।
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे के अनुसार, निवेशक यदि रेगुलर प्लान चुनते हैं तो उन्हें पहले इसके ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो यानी खर्च अनुपात की जानकारी दी जाएगी। इससे निवेशक दोनों तरह के प्लान की लागत की तुलना कर सकेंगे और अपने हिसाब से विकल्प चुन पाएंगे।
6. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेशकों को मिलेगा पैसा निकालने का मौका
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों के लिए नवंबर में समय से पहले रिडेम्पशन का अवसर है। इस महीने चार सीरीज के बॉन्ड के निवेशक निर्धारित तारीखों पर अपना निवेश भुना सकेंगे।
2020-21 सीरीज-7: 2 नवंबर
2020-21 सीरीज-8: 18 नवंबर
2020-21 सीरीज-2: 19 नवंबर
2021-22 सीरीज-1: 25 नवंबर
इन तारीखों पर पात्र निवेशक निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय से पहले बॉन्ड भुनाकर अपनी रकम प्राप्त कर सकेंगे।
7. 9 नवंबर से कैंसर की 137 दवाओं की कीमतों में कटौती
कैंसर मरीजों के लिए राहत देने वाला फैसला भी नवंबर में लागू होगा। सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसररोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय की है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के इस फैसले से दवाओं की खुदरा कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर कुछ दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की गिरावट संभव बताई गई है। नई दरें 9 नवंबर से लागू होंगी। मरीज एनपीपीए की वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप के जरिए दवाओं की संशोधित कीमतें देख सकेंगे।
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