सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन सख्त, अवैध प्रवासियों की वापसी अभियान होगा तेज
अमेरिका में अवैध प्रवासियों को उनके मूल देशों में वापस भेजने पर सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद ट्रंप प्रशासन ने आव्रजन नीति को और कड़ा करने का ऐलान किया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि अमेरिका में शरण (Asylum) देने की मौजूदा व्यवस्था अब समाप्त हो चुकी है और सरकार अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें तेजी से देश से बाहर भेजेगी।
मिलर ने कहा कि प्रशासन का फोकस अब उन लोगों पर है, जो अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुए हैं या शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे लोगों को उनके मूल देशों में वापस भेजने के अभियान को और तेज करेगी।
कई देशों के साथ वापसी समझौते पर काम
ट्रंप प्रशासन कई देशों के साथ ऐसे समझौतों पर बातचीत कर रहा है, जिनके तहत वे अपने नागरिकों को वापस स्वीकार करेंगे। मिलर ने कहा कि अमेरिका इस तरह के समझौते दुनिया के अधिकतम देशों के साथ करना चाहता है ताकि निर्वासन की प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अब अवैध प्रवास को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है और शरण की तलाश में आने वाले लोगों को दूसरे देशों का विकल्प देखना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन के फैसले को दी मंजूरी
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मेक्सिको सीमा से आए अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के ट्रंप प्रशासन के फैसले को सही ठहराया है। अदालत ने इस मामले में निचली अदालत के आदेश को पलटते हुए प्रशासन के निर्वासन अभियान को आगे बढ़ाने की अनुमति दी।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी संसाधनों की सुरक्षा, सीमा नियंत्रण को मजबूत करने और अपराध पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
2028 तक पूरी होगी सीमा सुरक्षा परियोजना
अमेरिका के आंतरिक सुरक्षा मंत्री मार्कवायने मुलिन ने कहा कि मेक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण और अन्य सीमा सुरक्षा परियोजनाएं 2028 तक पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि सीमा पर दोहरी दीवार, कंटीले तार, ड्रोन निगरानी, आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और गश्त बढ़ाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने की योजना ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2017 में शुरू की थी। बाद में यह परियोजना धीमी पड़ गई, लेकिन 2025 में उनके दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद इसे फिर गति दी गई। प्रशासन का दावा है कि इन उपायों से अवैध घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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