ईरान का बड़ा हमला: यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल अटैक

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इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार तड़के बड़े सैन्य अभियान का दावा करते हुए ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू करने की जानकारी दी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह इस अभियान की 83वीं लहर थी, जिसमें क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

कई देशों में एक साथ हमले का दावा

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलों के साथ-साथ लोइटरिंग (मंडराने वाले) ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। निशाने पर इजरायल के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने बताए गए हैं। बहरीन में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े एक मेंटेनेंस सेंटर को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया।

किन ठिकानों को बनाया निशाना

ईरानी एजेंसियों के मुताबिक, हमलों में अशदोद के तेल डिपो और स्टोरेज टैंक, मोदियिन इलाके में सैन्य ठिकाने और अमेरिकी सेना के कम्युनिकेशन सेंटर को टारगेट किया गया। इसके अलावा, अल-धफरा और अली अल-सलेम एयर बेस जैसे अहम सैन्य ठिकानों पर भी हमले की बात कही गई है, जहां परिवहन विमान और ड्रोन रखरखाव से जुड़े हैंगर मौजूद हैं।

पैट्रियट सिस्टम और ईंधन ठिकाने भी निशाने पर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिकी जेट और लड़ाकू विमानों के ईंधन टैंक, साथ ही शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद पैट्रियट मिसाइल सिस्टम के मेंटेनेंस हैंगर को भी निशाना बनाया गया। IRGC के अनुसार, इन हमलों में सटीक निशाना साधने वाली और मल्टी-वॉरहेड क्षमता वाली मिसाइलों के साथ-साथ आत्मघाती ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।

क्षेत्र में बढ़ा तनाव

इन दावों के बाद ईरान-इजरायल संघर्ष और व्यापक क्षेत्रीय हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। हालांकि, इन हमलों से हुए नुकसान या हताहतों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।

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