बांकीपुर उपचुनाव: नामांकन से पहले BJP पर बायोडाटा को लेकर विपक्ष का हमला

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बांकीपुर उपचुनाव: उम्मीदवार बदलने के बाद BJP बायोडाटा विवाद में घिरी, विपक्ष ने उठाए सवाल

बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए रविवार (13 जुलाई) को नामांकन का अंतिम दिन है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। लेकिन नामांकन से ठीक पहले भाजपा दो अलग-अलग विवादों को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

पहले बदला उम्मीदवार

भाजपा ने शुरुआत में बांकीपुर सीट से अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, नामांकन से पहले उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित किया।

अभिषेक बंटी के चुनाव मैदान से हटने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई कि उनके पिता रविंद्र प्रसाद का नाम बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़ने के कारण पार्टी ने अंतिम समय में उम्मीदवार बदलने का फैसला किया। हालांकि, रविंद्र प्रसाद ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके बेटे ने माता-पिता के सम्मान की रक्षा के लिए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

अब बायोडाटा पर उठे सवाल

उम्मीदवार बदलने का विवाद थमा भी नहीं था कि भाजपा के नए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा का बायोडाटा विपक्ष के निशाने पर आ गया।

पार्टी की ओर से पहले जारी बायोडाटा में उनकी जन्मतिथि 3 जुलाई 1994 दर्ज थी। इसी दस्तावेज में यह भी उल्लेख था कि उन्होंने वर्ष 2006 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी।

इसी आधार पर विपक्ष ने सवाल उठाया कि यदि जन्मतिथि सही है तो नीरज महज 12 वर्ष की उम्र में भाजपा के प्राथमिक सदस्य कैसे बन गए। विपक्ष ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए भाजपा पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।

विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने संशोधित बायोडाटा जारी किया, जिसमें प्राथमिक सदस्यता से जुड़ा विवरण हटा दिया गया। इसके बाद विपक्ष ने आरोप लगाया कि सवाल उठने के बाद पार्टी ने दस्तावेज में बदलाव कर दिया।

विपक्ष ने भाजपा को घेरा

राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि पहले उम्मीदवार बदलना और फिर बायोडाटा में संशोधन करना दिखाता है कि भाजपा बांकीपुर उपचुनाव को लेकर दबाव में है। उन्होंने कहा कि यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है, क्योंकि यह सीट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई है।

भाजपा का जवाब

भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि बायोडाटा में किया गया संशोधन केवल एक तकनीकी सुधार था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बिना वजह इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

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