तेजी से बदलती दुनिया में बच्चों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य गंभीर खतरे में है।
हाल ही में जारी ‘लांसेट कमीशन ऑन एडोलसेंट हेल्थ’ की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक दुनिया भर में एक अरब से अधिक किशोर डिप्रेशन, मोटापा और गंभीर चोटों जैसी समस्याओं का सामना कर सकते हैं।
तीन बड़े खतरे
1. मानसिक स्वास्थ्य: किशोरों में डिप्रेशन और एंग्जायटी तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया, पढ़ाई की प्रतिस्पर्धा और भविष्य की चिंता इसके मुख्य कारण हैं।
2. मोटापा: जंक फूड और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण 2030 तक 46 करोड़ से अधिक युवा मोटापे की चपेट में हो सकते हैं, जिससे डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ेगा।
3. सुरक्षा और डिजिटल खतरे: सड़क दुर्घटनाएं, हिंसा और साइबर बुलिंग बच्चों की सुरक्षा और मानसिकता पर गंभीर असर डाल रहे हैं।
रिपोर्ट यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न और अन्य वैश्विक संस्थानों के सहयोग से तैयार की गई है। यह चेतावनी देती है कि बच्चों की जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।
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