अक्टूबर में भी बरसेंगे बादल, मॉनसून की विदाई से पहले बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी
उत्तर भारत के कई हिस्सों से मॉनसून की विदाई शुरू हो चुकी है, लेकिन बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर के पहले सप्ताह में देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों से अगले 2-3 दिनों में मॉनसून की वापसी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं।
जम्मू-कश्मीर से बिहार तक बारिश का अनुमान
जम्मू-कश्मीर में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर और फिर 5-6 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। पौड़ी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ समेत कुछ पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान है। केदारनाथ और बद्रीनाथ क्षेत्रों में भी मौसम बदल सकता है।
बिहार में 3 से 6 अक्टूबर के बीच बारिश होने की संभावना है। झारखंड और पश्चिम बंगाल में 2 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। छत्तीसगढ़ में 2 से 6 अक्टूबर और विदर्भ में 5-6 अक्टूबर को बारिश के आसार हैं।
ओडिशा में 1 से 6 अक्टूबर के बीच बारिश के साथ आंधी, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। पंजाब के अमृतसर और गुरदासपुर में भी हल्की बारिश हो सकती है।
महाराष्ट्र, गोवा और पूर्वोत्तर में भी बारिश
पूर्वोत्तर भारत के असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।
महाराष्ट्र और गोवा के कोंकण क्षेत्र में 6 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र में भी बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र के पुणे, कोल्हापुर, सोलापुर और नागपुर समेत कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, रायलसीमा और केरल में अक्टूबर के पहले सप्ताह में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला मॉनसून
IMD के मुताबिक, जून से सितंबर के दौरान देश में 759.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 868.6 मिमी होती है। इस तरह पूरे मॉनसून सीजन में बारिश करीब 13 प्रतिशत कम रही।
मौसम विभाग के अनुसार, 2001 के बाद यह चौथा सबसे कम बारिश वाला मॉनसून सीजन रहा। IMD ने बारिश में कमी के पीछे प्रशांत महासागर क्षेत्र में बनी अल नीनो परिस्थितियों को भी एक प्रमुख कारण बताया है।
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