सलमान रुश्दी का हमलावर हादी मतार आतंकवाद मामले में दोषी, हिजबुल्लाह से जुड़े तार

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सलमान रुश्दी पर हमला करने वाला हादी मतार आतंकवाद के मामले में भी दोषी, हिजबुल्लाह से जुड़े संबंध

भारतीय मूल के चर्चित लेखक सलमान रुश्दी पर 2022 में जानलेवा हमला करने वाले अमेरिकी नागरिक हादी मतार को अब आतंकवाद से जुड़े संघीय आरोपों में भी दोषी ठहराया गया है। न्यूयॉर्क की एक संघीय जूरी ने बुधवार को उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को समर्थन देने और अमेरिकी प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को सहायता प्रदान करने के आरोप में दोषी करार दिया।

हिजबुल्लाह को अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है। हादी मतार पहले ही सलमान रुश्दी की हत्या के प्रयास के मामले में 25 साल की जेल की सजा काट रहा है। अब नए संघीय आतंकवाद के मामले में उसे उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा सकती है।

फतवे और हिजबुल्लाह से प्रेरित होने का दावा

अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि हादी मतार 1989 में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता की ओर से सलमान रुश्दी के खिलाफ जारी फतवे से प्रभावित था। सरकारी वकीलों के अनुसार, वह 2006 में हिजबुल्लाह के एक पूर्व नेता के उस भाषण से भी प्रेरित हुआ था, जिसमें फतवे को अमल में लाने की अपील की गई थी। इसी आधार पर अभियोजन पक्ष ने हमले को आतंकवाद से जुड़ा अपराध बताया।

15 बार चाकू से हमला, एक आंख की रोशनी गई

सुनवाई के दौरान सलमान रुश्दी ने अदालत में गवाही देते हुए बताया कि अगस्त 2022 में उन पर 15 बार चाकू से हमला किया गया था। इस हमले में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्होंने मौके पर मौजूद एक फायरफाइटर का भी धन्यवाद किया, जिसने उनकी जान बचाने में मदद की।

बचाव पक्ष की दलील नहीं मानी गई

हादी मतार के वकीलों ने दलील दी कि हमला आतंकवाद नहीं, बल्कि व्यक्तिगत कृत्य था। हालांकि, जूरी ने इस तर्क को खारिज कर दिया और उसे दोनों संघीय आतंकवाद संबंधी आरोपों में दोषी ठहराया। अब पहले से मिली 25 साल की सजा के अलावा इन नए आरोपों में भी उसे उम्रकैद का सामना करना पड़ सकता है।

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