जनगणना-2027 के पहले चरण के बाद अब जिला स्तर पर बुनियादी ढांचे का विस्तृत डेटा जुटाने की तैयारी शुरू हो गई है।
पहले चरण के पूरा होने के करीब दो महीने बाद स्थानीय निकायों के अधिकारी देश के 784 जिलों में नागरिक सुविधाओं से जुड़े आंकड़े इकट्ठा करेंगे। इन आंकड़ों के आधार पर जिला जनगणना हैंडबुक (DCHB) तैयार की जाएगी।
भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस पूरा होने के दो महीने बाद यह प्रक्रिया शुरू करें और इसे 30 दिनों के भीतर पूरा करें।
यह हैंडबुक गांव और शहर—दोनों स्तरों पर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का व्यापक दस्तावेज होगी। इसमें स्कूल, अस्पताल, पेयजल, जल निकासी, बिजली, सड़क, बैंकिंग जैसी सुविधाओं का पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। साथ ही, यदि कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है तो लोगों को उसके लिए कितनी दूरी तय करनी पड़ती है, इसका भी उल्लेख किया जाएगा।
इस बार डेटा संग्रह की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। पहली बार मोबाइल एप के जरिए आंकड़े जुटाए जाएंगे, जिससे डेटा अधिक सटीक और रियल-टाइम में उपलब्ध हो सकेगा।
ग्राम निर्देशिका के तहत नौ प्रमुख क्षेत्रों—शिक्षा व स्वास्थ्य, जल एवं स्वच्छता, परिवहन व संचार, बैंकिंग व ऋण, बिजली आपूर्ति, भूमि उपयोग व सिंचाई, प्रमुख कृषि उत्पाद, विनिर्मित वस्तुएं और हस्तशिल्प—से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।
फील्ड स्टाफ को हर सुविधा के लिए यह दर्ज करना होगा कि वह उपलब्ध है या नहीं, और यदि है तो वहां सरकारी व निजी इकाइयों की संख्या कितनी है। अगर सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो निकटतम सुविधा की दूरी को 5 किमी से कम, 5-10 किमी और 10 किमी से अधिक की श्रेणियों में दर्ज किया जाएगा।
वहीं, नगर निर्देशिका में शहरी क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त जानकारी शामिल होगी, जैसे झुग्गी-झोपड़ी इलाकों की स्थिति, सामाजिक व मनोरंजक सुविधाएं और 1911 से जनसंख्या वृद्धि का विवरण। इसके अलावा अग्निशमन केंद्र, पक्की सड़कें और शौचालय जैसी सुविधाओं का डेटा भी इसमें शामिल किया जाएगा।
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