अमेरिकी विदेश विभाग ने ‘बर्थ टूरिज्म’ के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए 600 से अधिक विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द किए हैं। विभाग के मुताबिक, ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से गैर-आप्रवासी वीजा पर प्रवेश करते हैं।
विदेश विभाग ने इस अभियान के लिए ‘बर्थ टूरिज्म प्रिवेंशन टास्क फोर्स’ का गठन किया है। टास्क फोर्स ऐसे वीजा धारकों की जांच करेगी और उन लोगों का भी पता लगाएगी जो इस तरह की यात्राओं की व्यवस्था या सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
विभाग ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो के पास वीजा रद्द करने का व्यापक अधिकार है। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त को जारी कार्यकारी आदेश के बाद शुरू की गई। आदेश में ‘बर्थ टूरिज्म’ को अमेरिकी धरती पर बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से गैर-आप्रवासी वीजा पर अमेरिका आने के तौर पर परिभाषित किया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ मामलों का उदाहरण भी दिया। एक दंपती ने अमेरिका में दो बच्चों को जन्म देने के अपने वास्तविक उद्देश्य को छिपाकर कॉन्फ्रेंस और शॉपिंग के लिए यात्रा करने की बात कही थी। दोनों ने अलग-अलग वीजा आवेदनों में गलत जानकारी दी और दूसरे आवेदन में अपने एक बच्चे के होने की बात भी छिपाई। जांच के बाद उनके वीजा रद्द कर दिए गए।
एक अन्य मामले में विदेशी सरकारी अधिकारी ने एक सप्ताह की आधिकारिक यात्रा के लिए वीजा लिया, लेकिन अमेरिका में करीब तीन महीने तक रुकीं और लौटने से पहले बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उनका वीजा भी रद्द कर दिया गया।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अभियान का उद्देश्य वीजा नियमों के दुरुपयोग पर रोक लगाना और ‘बर्थ टूरिज्म’ से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
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